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अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में लंबे समय से लग रही थी सेंध... चंपत राय की डायरी से खुली पुरानी परतें
Tue, 25 Aug 2026 05:55 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 25 Aug 2026 05:55 AM IST
सार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सामने आई चंपत राय की डायरी से पहले हुई चोरी के राज सामने आ रहे हैं। जो कि इशारा कर रहे हैं। ये काफी पहले से होता आ रहा था। चोरी के आरोप में एक कर्मचारी को अप्रैल में ही हटा दिया गया था।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक पड़ताल में सामने आए तथ्य इस पूरे प्रकरण को महज चार जून की घटना तक सीमित नहीं रखते। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की गोपनीय डायरी में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक, चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की आशंका इससे कुछ महीने पहले भी सामने आ चुकी थी। अप्रैल में ही एक कर्मी को चोरी के आरोप में हटा दिया गया था। चार जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने पर पुराने प्रकरण की भी कड़ियां खंगाली गईं।
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चंपत राय ने अपनी डायरी में लिखा है कि चोरी की घटना सामने आने से कुछ महीने पहले एक युवक को परिसर से हटाया गया था। पूछताछ के दौरान उसके परिचित दो गणना कर्मियों को बुलाकर उससे संबंधित जानकारी ली गई। दोनों अयोध्या के रहने वाले थे और उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों के बयान में बड़ा विरोधाभास सामने आया।
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एक गणना कर्मी ने बताया कि संबंधित युवक को चोरी करने के कारण हटाया गया था। वहीं दूसरे ने कहा कि उसने चोरी के संबंध में बैंक के एक व्यक्ति से शिकायत की थी और इसी वजह से उसे हटाया गया था। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद दोनों युवकों को वापस भेज दिया गया। इससे यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया कि क्या चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की शिकायतें और चोरी का सिलसिला जून की घटना से पहले से चल रहा था?
आठ जून तक बरामद कर ली थी देवोत्तर राशि
- डायरी के अनुसार, पांच जून की रात से आठ जून की शाम तक लगातार पूछताछ और धन की बरामदगी का सिलसिला चला। यानी पुलिस कार्रवाई शुरू होने से पहले ही ट्रस्ट स्तर पर पूछताछ कर धन की बरामदगी की कोशिश की गई और उसमें सफलता भी मिली। ट्रस्ट की ओर से अलग-अलग लोगों से पूछताछ की गई और इस दौरान देवोत्तर राशि का काफी धन वापस प्राप्त किया गया। आठ जून को डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव, परिसर पुलिस के तीन लोगों और चंपत राय ने भी पूछताछ की।
पुरानी घटना से चोरी तक कई सवाल अनुत्तरित
चंपत राय की डायरी में दर्ज घटनाक्रम अब कई सवाल खड़े करता है। अप्रैल में चोरी के आरोप में कर्मी को हटाया गया था तो उससे पहले क्या हुआ था?। दो गणना कर्मियों के बयानों में विरोधाभास क्यों था? पुराने कर्मचारी से जुड़ा प्रकरण और उसके संबंध में सामने आए विरोधाभासी बयान यह सवाल छोड़ जाते हैं कि क्या चार जून को सामने आई चढ़ावा चोरी किसी एक दिन की वारदात थी या इसके पीछे लंबे समय से चल रही कोई व्यवस्था थी।