{"_id":"69c0166eaa8091c4fd0a8ba0","slug":"awareness-is-essential-for-protection-against-cybercrime-ayodhya-news-c-97-1-ayo1034-145580-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
Sun, 22 Mar 2026 09:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 22 Mar 2026 09:48 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत थाना पूरा कलंदर परिसर में साइबर एवं डिजिटल अपराध जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। समाज कल्याण विभाग के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध ऐसे अवैध कार्य हैं जो इंटरनेट, कंप्यूटर या मोबाइल फोन के माध्यम से किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि हैकिंग, ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, व्यक्तिगत डाटा की चोरी और फर्जी लिंक के जरिए लोगों को ठगना आज के समय में आम साइबर अपराध बन चुके हैं। इन अपराधों से न केवल व्यक्ति की निजी जानकारी और धन को नुकसान होता है, बल्कि कई बार सरकारी और निजी संस्थानों का महत्वपूर्ण डाटा भी चोरी हो जाता है।
उन्होंने साइबर अपराध की प्रकृति को समझाते हुए बताया कि इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है। पहला, तकनीक का उपयोग कर किए जाने वाले अपराध, जिनमें ऑनलाइन ठगी और फर्जीवाड़ा शामिल हैं। दूसरा, ऐसे अपराध जो पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर होते हैं, जैसे किसी संस्था या देश की डिजिटल प्रणाली को नुकसान पहुंचाना, साइबर जासूसी करना या गोपनीय सूचनाएं चुराना। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष नारायण पांडेय, मोहम्मद असलम, कार्यक्रम संचालक धनंजय पांडेय सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध ऐसे अवैध कार्य हैं जो इंटरनेट, कंप्यूटर या मोबाइल फोन के माध्यम से किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि हैकिंग, ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, व्यक्तिगत डाटा की चोरी और फर्जी लिंक के जरिए लोगों को ठगना आज के समय में आम साइबर अपराध बन चुके हैं। इन अपराधों से न केवल व्यक्ति की निजी जानकारी और धन को नुकसान होता है, बल्कि कई बार सरकारी और निजी संस्थानों का महत्वपूर्ण डाटा भी चोरी हो जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने साइबर अपराध की प्रकृति को समझाते हुए बताया कि इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है। पहला, तकनीक का उपयोग कर किए जाने वाले अपराध, जिनमें ऑनलाइन ठगी और फर्जीवाड़ा शामिल हैं। दूसरा, ऐसे अपराध जो पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर होते हैं, जैसे किसी संस्था या देश की डिजिटल प्रणाली को नुकसान पहुंचाना, साइबर जासूसी करना या गोपनीय सूचनाएं चुराना। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष नारायण पांडेय, मोहम्मद असलम, कार्यक्रम संचालक धनंजय पांडेय सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन