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Ayodhya News: बारिश थमी तो अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भीड़
Mon, 28 Sep 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:50 PM IST
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25--फोटो नीरज कुमार (अमर उजाला)--जिला अस्पताल के ओपीडी में डॉक्टर्स से परामर्श लेते मरीज। अ
अयोध्या। तीन दिन की लगातार बारिश और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिला अस्पताल और दर्शननगर मेडिकल कॉलेज में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। बारिश के कारण तीन दिनों से घर से नहीं निकल पाने वाले मरीज मौसम साफ होते ही इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गए।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में करीब 1200 मरीज आते हैं। सोमवार को यह संख्या बढ़कर 2000 से अधिक हो गई। अचानक बढ़े मरीजों के दबाव से पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण केंद्रों पर भीड़ रही। मेडिसिन, बाल रोग और चर्म रोग विभाग में अपेक्षाकृत अधिक मरीज पहुंचे। इनमें वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत वाले मरीज शामिल रहे। जलभराव वाले क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जिला अस्पताल के सीएमएस राजेश सिंह ने बताया कि अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया।
मेडिकल कॉलेज में भी बढ़ा दबाव
दर्शननगर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या अधिक रही। यहां प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। सोमवार को बढ़ी भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया। चिकित्सकीय परामर्श के बाद दवा लेने के लिए मरीजों को अलग कतार में लगना पड़ा। मरीजों की भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को अब पांच दिन के बजाय 10 दिन की दवा देने की व्यवस्था शुरू की है। प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी और ओपीडी पर दबाव भी घटेगा।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में करीब 1200 मरीज आते हैं। सोमवार को यह संख्या बढ़कर 2000 से अधिक हो गई। अचानक बढ़े मरीजों के दबाव से पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण केंद्रों पर भीड़ रही। मेडिसिन, बाल रोग और चर्म रोग विभाग में अपेक्षाकृत अधिक मरीज पहुंचे। इनमें वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत वाले मरीज शामिल रहे। जलभराव वाले क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जिला अस्पताल के सीएमएस राजेश सिंह ने बताया कि अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया।
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मेडिकल कॉलेज में भी बढ़ा दबाव
दर्शननगर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या अधिक रही। यहां प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। सोमवार को बढ़ी भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया। चिकित्सकीय परामर्श के बाद दवा लेने के लिए मरीजों को अलग कतार में लगना पड़ा। मरीजों की भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को अब पांच दिन के बजाय 10 दिन की दवा देने की व्यवस्था शुरू की है। प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी और ओपीडी पर दबाव भी घटेगा।
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