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Ayodhya News: नगर निगम में टेंडर के नाम पर 47 लाख की ठगी का आरोप
Tue, 09 Sep 2025 10:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 09 Sep 2025 10:13 PM IST
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अयोध्या। टेंडर में साझेदारी के नाम पर तीन लोगों पर 47 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस ने अयोध्या धाम के प्रमोवदन निवासी एक देव नारायण त्रिपाठी की तहरीर पर आरिफ समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। कोतवाली अयोध्या पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के प्रमोदवन निवासी देव नारायण त्रिपाठी ने दर्ज एफआईआर में बताया कि उनके बेटे अभिनव देवकाली क्षेत्र में एक निजी अस्पताल चलाते थे। अस्पताल पर गोंडा निवासी सुभाष सिंह और देवकाली क्षेत्र के रिंकू मौर्या अपने साथ शहर के राठहवेली, इमामबाड़ा निवासी आरिफ आब्दी को लेकर आए थे।
उन लोगों ने अपनी ऊंचे रसूख का हवाला देते हुए नगर निगम में सोलर लाइट लगवाने, कूड़ा उठवाने आदि के ठेके दिलाने का झांसा दिया। कई अधिकारी व राजनीतिक व्यक्तियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर उन्हें भरोसे में लिया। वह अपनी जमीन बिक्री का पैसा लगाने को तैयार हुए तो आरिफ ने 13.65 करोड़ के सोलर लाइट का टेंडर निकलने की जानकारी देते हुए पार्टनर बनाने का प्रस्ताव रखा।
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उन्होंने इतने पैसे होने से इंकार किया तो उन लोगों ने किस्तों में पैसे लगाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने आरिफ की एवन ग्रीन सिटी नामक फर्म के बैंक खाते में 10 दिसंबर, 2024 से 24 मार्च, 2025 के बीच कई बार में 42 लाख रुपये ट्रांसफर किए। ट्रक से सामान लाने और लेबर के लिए 5.95 लाख रुपये नकद व यूपीआई के जरिये दिए।
टेंडर में भुगतान के नाम पर उनके बेटे की फर्म देवांश फार्मा की चार चेक ले ली। फर्जी ईमेल आईडी से एक कूटरचित वर्क ऑर्डर उन्हें दिखाया। इससे संलग्न एक अन्य पृष्ठ पर सभी अधिकारियों के हस्ताक्षर थे। बाद में उन लोगों ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया तो उन्हें ठगी की आशंका हुई।
उन्होंने अपने स्तर से जानकारी की तो पता चला कि इस तरह कोई टेंडर नगर निगम से नहीं निकला है। वर्क ऑर्डर के सभी मुहर और हस्ताक्षर फर्जी हैं। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरिफ आब्दी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल आरोपी आरिफ आब्दी और महापौर गिरीशपति त्रिपाठी पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। सोशल मीडिया पर महापौर के साथ की उसकी कई तस्वीरें हैं। 13 मई की एक तस्वीर में महापौर उसके साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा ईद के मौके पर, महापौर के घर, इमामबाड़ा समेत अन्य जगहों पर वह मेयर के साथ हैं।
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कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के प्रमोदवन निवासी देव नारायण त्रिपाठी ने दर्ज एफआईआर में बताया कि उनके बेटे अभिनव देवकाली क्षेत्र में एक निजी अस्पताल चलाते थे। अस्पताल पर गोंडा निवासी सुभाष सिंह और देवकाली क्षेत्र के रिंकू मौर्या अपने साथ शहर के राठहवेली, इमामबाड़ा निवासी आरिफ आब्दी को लेकर आए थे।
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उन लोगों ने अपनी ऊंचे रसूख का हवाला देते हुए नगर निगम में सोलर लाइट लगवाने, कूड़ा उठवाने आदि के ठेके दिलाने का झांसा दिया। कई अधिकारी व राजनीतिक व्यक्तियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर उन्हें भरोसे में लिया। वह अपनी जमीन बिक्री का पैसा लगाने को तैयार हुए तो आरिफ ने 13.65 करोड़ के सोलर लाइट का टेंडर निकलने की जानकारी देते हुए पार्टनर बनाने का प्रस्ताव रखा।
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उन्होंने इतने पैसे होने से इंकार किया तो उन लोगों ने किस्तों में पैसे लगाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने आरिफ की एवन ग्रीन सिटी नामक फर्म के बैंक खाते में 10 दिसंबर, 2024 से 24 मार्च, 2025 के बीच कई बार में 42 लाख रुपये ट्रांसफर किए। ट्रक से सामान लाने और लेबर के लिए 5.95 लाख रुपये नकद व यूपीआई के जरिये दिए।
टेंडर में भुगतान के नाम पर उनके बेटे की फर्म देवांश फार्मा की चार चेक ले ली। फर्जी ईमेल आईडी से एक कूटरचित वर्क ऑर्डर उन्हें दिखाया। इससे संलग्न एक अन्य पृष्ठ पर सभी अधिकारियों के हस्ताक्षर थे। बाद में उन लोगों ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया तो उन्हें ठगी की आशंका हुई।
उन्होंने अपने स्तर से जानकारी की तो पता चला कि इस तरह कोई टेंडर नगर निगम से नहीं निकला है। वर्क ऑर्डर के सभी मुहर और हस्ताक्षर फर्जी हैं। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरिफ आब्दी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल आरोपी आरिफ आब्दी और महापौर गिरीशपति त्रिपाठी पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। सोशल मीडिया पर महापौर के साथ की उसकी कई तस्वीरें हैं। 13 मई की एक तस्वीर में महापौर उसके साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा ईद के मौके पर, महापौर के घर, इमामबाड़ा समेत अन्य जगहों पर वह मेयर के साथ हैं।