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Ayodhya News: ध्वजारोहण समारोह पर टिकी निगाहें, चंपत राय की मौजूदगी को लेकर चर्चा
Sat, 20 Jun 2026 09:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 20 Jun 2026 09:40 PM IST
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शेषावतार मंदिर में विराजमान विग्रह।
अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर स्थित शेषावतार मंदिर में 23 जून को प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के लिए छह हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
हालांकि, राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि से जुड़े मामले की एसआईटी जांच के बीच यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। समारोह को लेकर मंदिर परिसर और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चल रही है। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे या नहीं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों की मौजूदगी पर भी निगाहें टिकी हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के समारोह में शामिल होने को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है।
उल्लेखनीय है कि चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी इन पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे। राम मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान मुख्यमंत्री और चंपत राय के बीच सार्वजनिक रूप से कोई विशेष संवाद या संयुक्त उपस्थिति देखने को नहीं मिली। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने वाले दोनों उपमुख्यमंत्री भी जांच के दायरे में आए ट्रस्ट पदाधिकारियों से सार्वजनिक दूरी बनाए रखेंगे। हालांकि, ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। आयोजन से जुड़े लोग इसे पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम बताते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
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हालांकि, राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि से जुड़े मामले की एसआईटी जांच के बीच यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। समारोह को लेकर मंदिर परिसर और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चल रही है। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे या नहीं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों की मौजूदगी पर भी निगाहें टिकी हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के समारोह में शामिल होने को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है।
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उल्लेखनीय है कि चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी इन पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे। राम मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान मुख्यमंत्री और चंपत राय के बीच सार्वजनिक रूप से कोई विशेष संवाद या संयुक्त उपस्थिति देखने को नहीं मिली। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने वाले दोनों उपमुख्यमंत्री भी जांच के दायरे में आए ट्रस्ट पदाधिकारियों से सार्वजनिक दूरी बनाए रखेंगे। हालांकि, ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। आयोजन से जुड़े लोग इसे पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम बताते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
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