फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Affiliated colleges should conduct examinations under a transparent process: Vice Chancellor

पारदर्शी प्रक्रिया के तहत परीक्षा कराएं संबद्ध कॉलेज : कुलपति

Fri, 14 Nov 2025 08:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 08:22 PM IST
विज्ञापन
Affiliated colleges should conduct examinations under a transparent process: Vice Chancellor
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सभी संबद्ध कॉलेज पारदर्शी प्रक्रिया के तहत परीक्षा कराएं। इसकी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर सबका विश्वास हो। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से शिक्षा में आवश्यक सुधार आएगा। शिक्षा के क्षेत्र में काफी परिवर्तन हो रहा है, उसमें हम सभी को अपग्रेड करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा के समय को कम करेगा, जिससे विद्यार्थियों को पठन-पाठन का समय अधिक मिले।
विज्ञापन


कुलपति स्वामी विवेकानंद सभागार में संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षिक सुधार के लिए प्राचार्यों व प्रबंधकों के साथ आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने महाविद्यालयों को इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। व्याख्यान कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल की सुविधा और उनका बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि परीक्षा में सीसीटीवी वॉइस रिकॉर्डर युक्त कैमरे प्रयुक्त किए जाएं। मानकों के अनुरूप अनुमोदन व निर्बाध पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
विज्ञापन


डॉ. सिंह ने एनईपी पाठ्यक्रम के अनुरूप रोजगारपरक शिक्षा व्यवस्था को अपनाने पर जोर दिया। छात्रों की कक्षा में 75% उपस्थिति पर कहा कि सभी महाविद्यालय सुनिश्चित करें कि छात्र की कक्षा उपस्थिति अवश्य हो। अन्यथा उन छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया जाएगा। सभी महाविद्यालय कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था कर शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलाव के साथ आगे बढ़ें। सभी महाविद्यालयों को सामुदायिक व सामाजिक भागीदारी में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शीघ्र हेल्प डेस्क की स्थापना कराने के लिए कहा, जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेजों को मिलेगा अनुदान व विशेष प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ

बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता अनुसंधान और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए महाविद्यालय नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को अवश्य अपनाएं। इससे महाविद्यालयों की प्रतिष्ठा के साथ विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त महाविद्यालयों को अनुदान व विशेष प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

चीफ प्रॉक्टर प्रो. एसएस मिश्र ने कहा कि एनईपी की मूल भावना शिक्षा को व्यावसायिक व आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बनना है। बैठक में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर करने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्यों व प्रबंधकों से संवाद किया गया। समर्थ पोर्टल पर आ रही शिकायतों का समाधान कंप्यूटर प्रोग्रामर रवि मालवीय ने किया।



नैक मूल्यांकन में अच्छे संस्थानों को अवश्य जाना चाहिए

आइक्यूएसी के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन में अच्छे संस्थानों को अवश्य जाना चाहिए। इससे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में सहायता मिलेगी। बैठक में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, वित्त अधिकारी पूर्णेंदु शुक्ल, साकेत कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दानपति त्रिपाठी, उप कुलसचिव एके गौतम, डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. मनीष सिंह व डॉ. राजेश सिंह सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालयों के प्रबंधक व प्राचार्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed