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Ayodhya News: राम मंदिर से कुबेर टीला तक निकलेगी पालकी यात्रा
Thu, 06 Aug 2026 08:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 06 Aug 2026 08:49 PM IST
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राम मंदिर में विराजमान रामलला की उत्सव मूर्ति।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में इस वर्ष सावन झूलनोत्सव नई परंपरा के साथ मनाया जाएगा। पहली बार झूलनोत्सव की शुरुआत सावन शुक्ल पंचमी के बजाय सावन शुक्ल तृतीया से होगी। इसके साथ ही पहली बार रामलला के उत्सव विग्रह की पालकी यात्रा भी निकाली जाएगी। मंदिर ट्रस्ट उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला के उत्सव विग्रह को पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर स्थित कुबेर टीला तक ले जाया जाएगा। प्रारंभिक योजना पालकी यात्रा को राम मंदिर से मणिपर्वत तक निकालने की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से मार्ग में बदलाव कर यात्रा को मंदिर परिसर तक ही सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। झूलनोत्सव के दौरान 15 अगस्त से 28 अगस्त तक प्रतिदिन शाम को मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार भक्ति संगीत, राम भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
मंदिर ट्रस्ट की योजना इस वर्ष रामलला को स्वर्ण झूले पर विराजमान कर झूलनोत्सव मनाने की थी, लेकिन फिलहाल इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में इस बार भी रामलला परंपरा के अनुसार चांदी के झूले पर ही झूला विहार करेंगे। नई परंपराओं के जुड़ने से इस बार का झूलनोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला के उत्सव विग्रह को पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर स्थित कुबेर टीला तक ले जाया जाएगा। प्रारंभिक योजना पालकी यात्रा को राम मंदिर से मणिपर्वत तक निकालने की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से मार्ग में बदलाव कर यात्रा को मंदिर परिसर तक ही सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। झूलनोत्सव के दौरान 15 अगस्त से 28 अगस्त तक प्रतिदिन शाम को मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार भक्ति संगीत, राम भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
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मंदिर ट्रस्ट की योजना इस वर्ष रामलला को स्वर्ण झूले पर विराजमान कर झूलनोत्सव मनाने की थी, लेकिन फिलहाल इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में इस बार भी रामलला परंपरा के अनुसार चांदी के झूले पर ही झूला विहार करेंगे। नई परंपराओं के जुड़ने से इस बार का झूलनोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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