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Ayodhya News: अयोध्या के 37 मठ, मंदिर व कुंडों के जीर्णोद्धार का 50 फीसदी कार्य पूरा
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अयोध्या। रामनगरी के 37 मठ, मंदिर और कुंडों के जीर्णोद्धार का 50 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। पौराणिक महत्व के ये सभी धर्मस्थल अपने प्राचीन मूल स्वरूप में ही सजे-संवरे नजर आएंगे। पर्यटन विभाग की ओर से 31 मार्च तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नए और भव्य मंदिर में रामलला के विराजने के बाद अयोध्या में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटकों का आगमन होगा। ऐसे में पर्यटन विभाग ने राम मंदिर के निर्माण के दौर में ही यहां के कई प्राचीन धर्मस्थलों को सजाने और संवारने की पहल की। इनकी प्राचीनता को संरक्षित करते हुए भव्यता देने के प्रयास चल रहे हैं। यहां पर कई तरह की पर्यटन सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। सभी धर्मस्थलों की सूरत बदलने में 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
पौराणिक महत्व के इन धर्मस्थलों को संवार रही सरकार
मणिराम दास की छावनी, दिगंबर अखाड़ा, दशरथ भवन, जानकी घाट, मंगल भवन, लक्ष्मण किला, अक्षरी मंदिर, राम कचेहरी मंदिर, ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा, सियाराम किला, तुलसी चौरा मंदिर, कौशल्या घाट, कालेराम मंदिर, नेपाली मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, भरत महल मंदिर, राम गुलेला मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, तिवारी मंदिर, वेद मंदिर, रत्न सिंहासन मंदिर, रंग महल, बड़ी देवकाली कुंड, सरोवर कुंड, धनाक्षय कुंड समेत कुछ अन्य।
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अयोध्या में अब बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आएंगे। इसीलिए राम मंदिर के अलावा अन्य धार्मिक और पौराणिक महत्व के धर्मस्थलों का पर्यटन विकास किया जा रहा है। इस काम में प्राचीनता को सहेजने की हरसंभव कोशिश की गई है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को कई तरह की जनसुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
-जयवीर सिंह, पर्यटन व संस्कृति मंत्री
नए और भव्य मंदिर में रामलला के विराजने के बाद अयोध्या में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटकों का आगमन होगा। ऐसे में पर्यटन विभाग ने राम मंदिर के निर्माण के दौर में ही यहां के कई प्राचीन धर्मस्थलों को सजाने और संवारने की पहल की। इनकी प्राचीनता को संरक्षित करते हुए भव्यता देने के प्रयास चल रहे हैं। यहां पर कई तरह की पर्यटन सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। सभी धर्मस्थलों की सूरत बदलने में 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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पौराणिक महत्व के इन धर्मस्थलों को संवार रही सरकार
मणिराम दास की छावनी, दिगंबर अखाड़ा, दशरथ भवन, जानकी घाट, मंगल भवन, लक्ष्मण किला, अक्षरी मंदिर, राम कचेहरी मंदिर, ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा, सियाराम किला, तुलसी चौरा मंदिर, कौशल्या घाट, कालेराम मंदिर, नेपाली मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, भरत महल मंदिर, राम गुलेला मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, तिवारी मंदिर, वेद मंदिर, रत्न सिंहासन मंदिर, रंग महल, बड़ी देवकाली कुंड, सरोवर कुंड, धनाक्षय कुंड समेत कुछ अन्य।
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अयोध्या में अब बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आएंगे। इसीलिए राम मंदिर के अलावा अन्य धार्मिक और पौराणिक महत्व के धर्मस्थलों का पर्यटन विकास किया जा रहा है। इस काम में प्राचीनता को सहेजने की हरसंभव कोशिश की गई है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को कई तरह की जनसुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
-जयवीर सिंह, पर्यटन व संस्कृति मंत्री