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Auraiya News: फिर उफनाई यमुना, गौहानी कलां का संपर्क मार्ग डूबा
Fri, 05 Sep 2025 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:48 PM IST
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फोटो 05 एयूआरपी 17 अजीतमल क्षेत्र का गौहानी कलां संपर्क मार्ग पर पानी। संवाद
अजीतमल। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी तीसरी बार उफान पर है। गुरुवार को एकाएक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई।
शुक्रवार को यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बहती नजर आई। जलस्तर में वृद्धि से नदी की तलहटी में बसे गौहानी कलां का संपर्क मार्ग डूब गया है। इससे तहसील के साथ ही कई गांवों का रास्ता भी कट गया है। खेत भी जलमग्न हो गए हैं।
यमुना नदी में हर साल बैराजों से पानी छोड़ा जाता है। इससे औरैया व अजीतमल तहसील क्षेत्र के 50 गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। इन गांवों में दर्जनों घर न सिर्फ जमींदोज होते हैं। बल्कि सैकड़ों बीघा फसल भी नष्ट हो जाती है। इस बार बारिश के सीजन में यह नौबत तीसरी बार आई है। हालांकि इससे पहले दो बार आई बाढ़ करीब एक हफ्ते में वापस लौट गई थी।
कोटा बैराज व हथिनी कुंड से हाल ही में पानी छोड़ा गया है। इससे गुरुवार को यमुना का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। गौहानी कलां के संपर्क मार्ग को पानी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। विभागीय अधिकारियों की माने तो यमुना का जलस्तर 112 मीटर रहा है। जबकि खतरे का निशान 113 मीटर है। ऐसे में यमुना नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है।
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एसडीएम निखिल राजपूत और तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर 112 मीटर पर पहुंच गया है। लोगों को सतर्क किया जा रहा है। नाव की व्यवस्था कराई गई है। लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिकरोड़ी, जुहीखा, बड़ेरा और ततारपुर कलां में डूबे खेत
यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते अजीतमल तहसील क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति फिर से बन गई है। सिकरोड़ी, जुहीखा, बड़ेरा और ततारपुर कलां गांव इस बाढ़ की चपेट में आ रहे। सैकड़ों एकड़ खेत बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी व राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
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शुक्रवार को यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बहती नजर आई। जलस्तर में वृद्धि से नदी की तलहटी में बसे गौहानी कलां का संपर्क मार्ग डूब गया है। इससे तहसील के साथ ही कई गांवों का रास्ता भी कट गया है। खेत भी जलमग्न हो गए हैं।
यमुना नदी में हर साल बैराजों से पानी छोड़ा जाता है। इससे औरैया व अजीतमल तहसील क्षेत्र के 50 गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। इन गांवों में दर्जनों घर न सिर्फ जमींदोज होते हैं। बल्कि सैकड़ों बीघा फसल भी नष्ट हो जाती है। इस बार बारिश के सीजन में यह नौबत तीसरी बार आई है। हालांकि इससे पहले दो बार आई बाढ़ करीब एक हफ्ते में वापस लौट गई थी।
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कोटा बैराज व हथिनी कुंड से हाल ही में पानी छोड़ा गया है। इससे गुरुवार को यमुना का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। गौहानी कलां के संपर्क मार्ग को पानी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। विभागीय अधिकारियों की माने तो यमुना का जलस्तर 112 मीटर रहा है। जबकि खतरे का निशान 113 मीटर है। ऐसे में यमुना नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है।
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एसडीएम निखिल राजपूत और तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर 112 मीटर पर पहुंच गया है। लोगों को सतर्क किया जा रहा है। नाव की व्यवस्था कराई गई है। लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिकरोड़ी, जुहीखा, बड़ेरा और ततारपुर कलां में डूबे खेत
यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते अजीतमल तहसील क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति फिर से बन गई है। सिकरोड़ी, जुहीखा, बड़ेरा और ततारपुर कलां गांव इस बाढ़ की चपेट में आ रहे। सैकड़ों एकड़ खेत बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी व राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।