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Auraiya News: गैर इरादतन हत्या के दोषी को तीन साल का कारावास
Sun, 19 Mar 2023 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 19 Mar 2023 12:52 AM IST
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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीएन श्रीवास्तव ने सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नसीराबाद के गैर इरादतन हत्या के 17 साल पुराने मामले के दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। इस दौरान कोर्ट ने दोषी पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि 12 जून 2006 की शाम सात बजे वादी रामजीवन अपने भतीजे सोनू व गब्बर सिंह के साथ औरैया से नसीराबाद जा रहा था। तभी अभियुक्त राकेश नट ने वादी की साइकिल में टक्कर मार दी। विरोध करने पर राकेश नट ने हाथ में लिए डंडे से वादी के दोनों भतीजों को मारा। मारपीट में दोनों को गंभीर चोटें आईं। शिकायत पर कोतवाली में एनसीआर लिखी गई
। सोनू की इलाज के दौरान 20 दिन बाद दिल्ली के अस्पताल में मृत्यु हो गई। पुलिस ने राकेश नट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला एडीजे कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीएन श्रीवास्तव ने राकेश नट को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। उसे तीन साल के कठोर कारावास व तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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अभियोजन की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि 12 जून 2006 की शाम सात बजे वादी रामजीवन अपने भतीजे सोनू व गब्बर सिंह के साथ औरैया से नसीराबाद जा रहा था। तभी अभियुक्त राकेश नट ने वादी की साइकिल में टक्कर मार दी। विरोध करने पर राकेश नट ने हाथ में लिए डंडे से वादी के दोनों भतीजों को मारा। मारपीट में दोनों को गंभीर चोटें आईं। शिकायत पर कोतवाली में एनसीआर लिखी गई
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। सोनू की इलाज के दौरान 20 दिन बाद दिल्ली के अस्पताल में मृत्यु हो गई। पुलिस ने राकेश नट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला एडीजे कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीएन श्रीवास्तव ने राकेश नट को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। उसे तीन साल के कठोर कारावास व तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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