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Auraiya News: नई उम्मीद के साथ बोया बीज
Fri, 12 Sep 2025 10:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 12 Sep 2025 10:59 PM IST
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फोटो 12 एयूआरपी 20 किसान सुभाष चंद्र
अटसू। यमुना में जलस्तर तेजी से गिर रहा है। किसान खेतों पर पहुंचने लगे हैं। यमुना किनारे जिन किसानों की फसल बाढ़ में डूब गई थी। अब उन्होंने भगवान के नाम लेकर तीसरी बार बाजरा एक नई उम्मीद के साथ बोया है। गांव की स्थित धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी है।
अजीतमल तहसील के गांव गौहानी कलां गांव जाने वाले रास्ते पर 100 मीटर दायरे में युमना का पानी करीब तीन फीट भरा है। शुक्रवार सुबह करीब 12:45 बजे गांव के रामस्नेही अपने रिश्तेदार को लेकर नाव से आते मिले। पूछने पर कहा अब समस्या धीरे-धीरे दूर हो रही है। गांव के अंदर पहुंचने लोग अपने-अपने कामों में लगे मिले। गांव पार कर यमुना किनारे पहुंचने पर सुभाष चंद्र राजपूत परिवार के साथ अपने खेत में सिंचाई करते मिले।
सुभाष ने बताया कि भगवान का नाम लेकर तीसरी नौ बीधा (कच्चे) में बाजरा बोया है। उम्मीद है कि इस बार मेहनत पर बाढ़ का पानी आड़े नहीं आएगा। इससे पहले जैसे ही बाजरा बड़ा हुआ था कि यमुना में आई बाढ़ ने पूरे मेहनत पर पानी फेर दिया था। इसी बीच गांव के मुकेश बाबू मिश्रा वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका 30 बीघा का चक है। इसमें आज भी बाढ़ का पानी भरा है। ऐसे में काफी दिक्कत हो रही है।
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प्रति व्यक्ति सौ रुपये दिए जाने का मिला है आश्वासन
अटसू। गांव सिकरोड़ी निवासी नाविक बृजेश कुमार व ओम नारायन रोज गौहानी कलां के लोगों को सड़क पर भरे पानी के कारण नाव से पार कर रहे हैं। वह सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के बाहर पहुंच जाते हैं। रात करीब 10 बजे वहां से चले जाते हैं। बताया कि रोजाना वह 50 लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी नाव में आठ लोग सवार हो सकते हैं। इसी हिसाब से तहसील के अधिकारी से रोजाना 800 रुपये दिए जाने का आश्वासन मिला है।
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अजीतमल तहसील के गांव गौहानी कलां गांव जाने वाले रास्ते पर 100 मीटर दायरे में युमना का पानी करीब तीन फीट भरा है। शुक्रवार सुबह करीब 12:45 बजे गांव के रामस्नेही अपने रिश्तेदार को लेकर नाव से आते मिले। पूछने पर कहा अब समस्या धीरे-धीरे दूर हो रही है। गांव के अंदर पहुंचने लोग अपने-अपने कामों में लगे मिले। गांव पार कर यमुना किनारे पहुंचने पर सुभाष चंद्र राजपूत परिवार के साथ अपने खेत में सिंचाई करते मिले।
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सुभाष ने बताया कि भगवान का नाम लेकर तीसरी नौ बीधा (कच्चे) में बाजरा बोया है। उम्मीद है कि इस बार मेहनत पर बाढ़ का पानी आड़े नहीं आएगा। इससे पहले जैसे ही बाजरा बड़ा हुआ था कि यमुना में आई बाढ़ ने पूरे मेहनत पर पानी फेर दिया था। इसी बीच गांव के मुकेश बाबू मिश्रा वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका 30 बीघा का चक है। इसमें आज भी बाढ़ का पानी भरा है। ऐसे में काफी दिक्कत हो रही है।
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प्रति व्यक्ति सौ रुपये दिए जाने का मिला है आश्वासन
अटसू। गांव सिकरोड़ी निवासी नाविक बृजेश कुमार व ओम नारायन रोज गौहानी कलां के लोगों को सड़क पर भरे पानी के कारण नाव से पार कर रहे हैं। वह सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के बाहर पहुंच जाते हैं। रात करीब 10 बजे वहां से चले जाते हैं। बताया कि रोजाना वह 50 लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी नाव में आठ लोग सवार हो सकते हैं। इसी हिसाब से तहसील के अधिकारी से रोजाना 800 रुपये दिए जाने का आश्वासन मिला है।

फोटो 12 एयूआरपी 20 किसान सुभाष चंद्र