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Auraiya News: साहब मैं जिंदा हूं... कागजों में मृत दिखा रोक दी वृद्धावस्था पेंशन
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फोटो-31- बिधूना तहसील सभागार में शिकायतें सुनते अधिकारी। संवाद
बिधूना (औरैया)। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अफसर तब चौंक गए, जब एक बुजुर्ग ने कहा कि साहब मैं जिंदा हूं...। कागजों में सरकारी सिस्टम ने उसे मार दिया है। कागजों में मृत दर्शाने की वजह से उन्हें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। बार-बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। इस शिकायत के बाद अवैध अस्पताल और बिना मान्यता के स्कूलों की शिकायतों ने भी अधिकारियों को चौकाया।
डीएम बृजेश कुमार व एसपी अभिषेक भारती की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। दिनभर चली जनसुनवाई में 135 शिकायतों में से सिर्फ छह का मौके पर निस्तारण हो सका। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर अजीतमल क्षेत्र के हैदरपुर निवासी गफूर खां ने बताया कि वह जीवित हैं, इसके बावजूद समाज कल्याण विभाग ने सत्यापन में उन्हें मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी है। पेंशन बंद होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मामले की जांच कराकर वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराने की मांग की। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि से नाराजगी जताकर तत्काल अभिलेख सुधरवाकर पेंशन देने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का एक सप्ताह के अंदर मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की मौजूदगी में साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी तरह अजीतमल व औरैया तहसील में भी जनसुनवाई हुई।
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अवैध अस्पतालों और नर्सिंग स्टाफ की जांच की मांग
बिधूना कस्बा के अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने कस्बे में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की योग्यता व अस्पतालों के मानकों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इलाज और प्रसव के नाम पर मरीजों से अधिक धन वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। भरथना रोड स्थित मां पीतांबरा हॉस्पिटल में हाल ही में जच्चा और नवजात की मृत्यु के मामले का हवाला देते हुए निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा आरोप लगाया कि आवासीय भवनों में अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं।
बिना मान्यता चल रहे स्कूल में 300 बच्चों के भविष्य पर सवाल
अछल्दा ब्लॉक के इटैली निवासी राकेश कुमार सिंह ने गांव के मजरा खेड़ा में संचालित एक निजी विद्यालय की शिकायत की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक करीब 300 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन विद्यालय की मान्यता और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता पर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों की यू-डायस आईडी सहित आवश्यक अभिलेखों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय होने के बावजूद वहां विद्यार्थियों की संख्या करीब 20 है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखते हुए कथित रूप से बिना मान्यता संचालित विद्यालय की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
खेत की जोताई कर सरसों की फसल नष्ट कर दी
ऐली गांव निवासी प्रदीप कुमार ने शिकायती पत्र में बताया कि गाटा संख्या 387 में उनके नाम भूमि दर्ज है। उन्होंने पांच अक्तूबर को खेत में सरसों की बोआई की थी। आरोप है कि दूसरे गांव के निवासी युवक ने उनकी अनुपस्थिति में खेत की जुताई कर दी। जिससे बोई गई सरसों की फसल नष्ट हो गई। उन्होंने मामले की जांच कराकर नुकसान के संबंध में कार्रवाई की मांग की।
खुदी पड़ी सड़क, पाइपलाइन भी लीकेज
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गिरीश सिकरवार ने शिकाय कि जल जीवन मिशन के तहत कराए गए टंकी के कार्यों से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। कई जगह पाइपलाइन लीकेज होने से पानी बर्बाद हो रहा है। अछल्दा ब्लाक के गांव बिकूपुर और माधवपुर मडनई गांव में पर्याप्त प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा है, जबकि मुरली पूर्वा में जलापूर्ति का कोई निर्धारित शेड्यूल नहीं है। औरैया के भैंरोपुर में डेढ साल से टोटियां लगी हैं। लेकिन पानी नहीं आया। इन खामियों को दूर करने की मांग की।
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डीएम बृजेश कुमार व एसपी अभिषेक भारती की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। दिनभर चली जनसुनवाई में 135 शिकायतों में से सिर्फ छह का मौके पर निस्तारण हो सका। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर अजीतमल क्षेत्र के हैदरपुर निवासी गफूर खां ने बताया कि वह जीवित हैं, इसके बावजूद समाज कल्याण विभाग ने सत्यापन में उन्हें मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी है। पेंशन बंद होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मामले की जांच कराकर वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराने की मांग की। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि से नाराजगी जताकर तत्काल अभिलेख सुधरवाकर पेंशन देने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का एक सप्ताह के अंदर मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की मौजूदगी में साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी तरह अजीतमल व औरैया तहसील में भी जनसुनवाई हुई।
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अवैध अस्पतालों और नर्सिंग स्टाफ की जांच की मांग
बिधूना कस्बा के अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने कस्बे में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की योग्यता व अस्पतालों के मानकों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इलाज और प्रसव के नाम पर मरीजों से अधिक धन वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। भरथना रोड स्थित मां पीतांबरा हॉस्पिटल में हाल ही में जच्चा और नवजात की मृत्यु के मामले का हवाला देते हुए निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा आरोप लगाया कि आवासीय भवनों में अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं।
बिना मान्यता चल रहे स्कूल में 300 बच्चों के भविष्य पर सवाल
अछल्दा ब्लॉक के इटैली निवासी राकेश कुमार सिंह ने गांव के मजरा खेड़ा में संचालित एक निजी विद्यालय की शिकायत की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक करीब 300 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन विद्यालय की मान्यता और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता पर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों की यू-डायस आईडी सहित आवश्यक अभिलेखों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय होने के बावजूद वहां विद्यार्थियों की संख्या करीब 20 है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखते हुए कथित रूप से बिना मान्यता संचालित विद्यालय की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
खेत की जोताई कर सरसों की फसल नष्ट कर दी
ऐली गांव निवासी प्रदीप कुमार ने शिकायती पत्र में बताया कि गाटा संख्या 387 में उनके नाम भूमि दर्ज है। उन्होंने पांच अक्तूबर को खेत में सरसों की बोआई की थी। आरोप है कि दूसरे गांव के निवासी युवक ने उनकी अनुपस्थिति में खेत की जुताई कर दी। जिससे बोई गई सरसों की फसल नष्ट हो गई। उन्होंने मामले की जांच कराकर नुकसान के संबंध में कार्रवाई की मांग की।
खुदी पड़ी सड़क, पाइपलाइन भी लीकेज
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गिरीश सिकरवार ने शिकाय कि जल जीवन मिशन के तहत कराए गए टंकी के कार्यों से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। कई जगह पाइपलाइन लीकेज होने से पानी बर्बाद हो रहा है। अछल्दा ब्लाक के गांव बिकूपुर और माधवपुर मडनई गांव में पर्याप्त प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा है, जबकि मुरली पूर्वा में जलापूर्ति का कोई निर्धारित शेड्यूल नहीं है। औरैया के भैंरोपुर में डेढ साल से टोटियां लगी हैं। लेकिन पानी नहीं आया। इन खामियों को दूर करने की मांग की।