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शाक्य और लोध बिरादरी में सामंजस्य बनाना सपा के लिए टेढ़ी खीर
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दिबियापुर। 10 दिन पहले बिधूना विधायक विनय शाक्य के परिवार में फूट जगजाहिर हो चुकी है। भाजपा ने रिया शाक्य को बिधूना सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि सपा की ओर से इस सीट पर प्रत्याशी घोषित किया जाना बाकी है। इस सीट पर विधायक विनय शाक्य के भाई देवेश शाक्य प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
लेकिन पांच बार विधायक रहे एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धनीराम वर्मा के पुत्र दिनेश कुमार वर्मा भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दिनेश लोध बिरादरी से आते हैं। ऐसे में सपा के सामने शाक्य और लोध बिरादरी के बीच सामंजस्य बैठाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। माना जा रहा है कि इसी कारण पार्टी ने अभी तक इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा से विनय शाक्य बिधूना विधायक बने थे। वर्ष 2022 के चुनाव में प्रत्याशियों की नामों की घोषणा से पहले ही विधायक विनय शाक्य के परिवार में फूट जगजाहिर हो गई। 11 जनवरी को विनय शाक्य की बेटी रिया शाक्य ने वीडियो वायरल करके अपने चाचा देवेश एवं दादी द्रोपदी पर गंभीर आरोप लगाए।
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पिछले सप्ताह विनय और देवेश सपा में शामिल हो गए। शुक्रवार को आई सूची में रिया शाक्य को भाजपा ने बिधूना विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया। जबकि दिबियापुर से कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को टिकट दे दिया है।
अब सपा के सामने चुनाव में जातिगत समीकरण बनाए रखना काफी टेढ़ी खीर माना जा रहा है। दरअसल, बिधूना विधानसभा सीट के लिए सपा से देवेश शाक्य और पांच बार विधायक एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष रहे धनीराम वर्मा के पुत्र दिनेश कुमार वर्मा अपनी दावेदारी कर रहे हैं।
बिधूना और दिबियापुर विधानसभा से ही धनीराम वर्मा की पुत्रवधू एवं पूर्व विधायक महेश वर्मा की पत्नी रेखा वर्मा भी सपा से टिकट मांग रही हैं। दिबियापुर एवं बिधूना विधानसभा में जातिगत आधार पर तीनों ही दावेदारों की प्रत्याशिता काफी अहम मानी जा रही है।
अब देखना यह है कि सपा दोनों जातियों में सामंजस्य कैसे बैठाती है। यहां बता दें कि भाजपा ने शाक्य वोटरों को लुभाने के लिए रिया को प्रत्याशी बना दिया है। लोध बिरादरी को लुभाने के लिए दिबियापुर से कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत को टिकट दिया है।
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लेकिन पांच बार विधायक रहे एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धनीराम वर्मा के पुत्र दिनेश कुमार वर्मा भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दिनेश लोध बिरादरी से आते हैं। ऐसे में सपा के सामने शाक्य और लोध बिरादरी के बीच सामंजस्य बैठाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। माना जा रहा है कि इसी कारण पार्टी ने अभी तक इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
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वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा से विनय शाक्य बिधूना विधायक बने थे। वर्ष 2022 के चुनाव में प्रत्याशियों की नामों की घोषणा से पहले ही विधायक विनय शाक्य के परिवार में फूट जगजाहिर हो गई। 11 जनवरी को विनय शाक्य की बेटी रिया शाक्य ने वीडियो वायरल करके अपने चाचा देवेश एवं दादी द्रोपदी पर गंभीर आरोप लगाए।
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पिछले सप्ताह विनय और देवेश सपा में शामिल हो गए। शुक्रवार को आई सूची में रिया शाक्य को भाजपा ने बिधूना विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया। जबकि दिबियापुर से कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को टिकट दे दिया है।
अब सपा के सामने चुनाव में जातिगत समीकरण बनाए रखना काफी टेढ़ी खीर माना जा रहा है। दरअसल, बिधूना विधानसभा सीट के लिए सपा से देवेश शाक्य और पांच बार विधायक एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष रहे धनीराम वर्मा के पुत्र दिनेश कुमार वर्मा अपनी दावेदारी कर रहे हैं।
बिधूना और दिबियापुर विधानसभा से ही धनीराम वर्मा की पुत्रवधू एवं पूर्व विधायक महेश वर्मा की पत्नी रेखा वर्मा भी सपा से टिकट मांग रही हैं। दिबियापुर एवं बिधूना विधानसभा में जातिगत आधार पर तीनों ही दावेदारों की प्रत्याशिता काफी अहम मानी जा रही है।
अब देखना यह है कि सपा दोनों जातियों में सामंजस्य कैसे बैठाती है। यहां बता दें कि भाजपा ने शाक्य वोटरों को लुभाने के लिए रिया को प्रत्याशी बना दिया है। लोध बिरादरी को लुभाने के लिए दिबियापुर से कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत को टिकट दिया है।