{"_id":"5eecf79e8ebc3e42e67318fe","slug":"power-problem-will-be-solved-if-power-station-is-operational-auraiya-news-knp566463292","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉवर स्टेशन चालू हो तो दूर होगी बिजली समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉवर स्टेशन चालू हो तो दूर होगी बिजली समस्या
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बा के दिबियापुर रोड पर खंडहर पॉवर हाउस की जगह पर स्वीकृत नव निर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बन कर तैयार हो गया है। नई विद्युत लाइन भी पड़ चुकी है। केवल विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के
चलते एक माह से बिजली घर अपने उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। यहां से विद्युत आपूर्ति शुरू हो तो एक सौ गांव लाभान्वित होंगे।
बेला में 1980 के दशक में विद्युत उपकेंद्र बना था। एक कर्मचारी की हत्या हो जाने के बाद देखरेख के अभाव में बिजलीघर खंडहर हो गया था।
इसके बाद तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष धनीराम वर्मा ने अपने गांव पुरवासुजान में एक बिजली घर स्वीकृत करवा लिया था।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र बाबू मिश्रा की मांग पर खंडहर बिजलीघर की भूमि पर 33/11 केवी का बिजलीघर मई में तैयार हो गया।
अभी तक शुरुआत नहीं हुई है। कस्बा में बने बिजलीघर के प्रारंभ हो जाने से कस्बा बेला, याकूबपुर, मल्हौसी, महू, नौसारा, रामनगर, गैली, तिरको, बरुकज्ुलासर, भदौरा, शिवरा, मनुआपुरवा समेत लगभग एक सौ गांव की जनता लाभान्वित होगी।
विज्ञापन
क्षेत्रीय व्यापारी सुमित कुशवाहा, सुभाष सैनी, रमेश सक्सेना, सुरेंद्र सक्सेना, अमित गुप्ता, विनोद पांडेय, रामबाबू शर्मा ने बताया कि बेला में बिजलीघर शुरू हो जाने से लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी।
पुरवासुजान विद्युत उपकेंद्र का भार कम हो जाने के कारण लाइन फाल्ट आदि की समस्याओं से छुटकारा मिलने से विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से मिलेगी।
उपखंड अधिकारी विद्युत मुकेश कटियार ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर नए बिजली घर से विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
विज्ञापन
चलते एक माह से बिजली घर अपने उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। यहां से विद्युत आपूर्ति शुरू हो तो एक सौ गांव लाभान्वित होंगे।
बेला में 1980 के दशक में विद्युत उपकेंद्र बना था। एक कर्मचारी की हत्या हो जाने के बाद देखरेख के अभाव में बिजलीघर खंडहर हो गया था।
इसके बाद तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष धनीराम वर्मा ने अपने गांव पुरवासुजान में एक बिजली घर स्वीकृत करवा लिया था।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र बाबू मिश्रा की मांग पर खंडहर बिजलीघर की भूमि पर 33/11 केवी का बिजलीघर मई में तैयार हो गया।
विज्ञापन
अभी तक शुरुआत नहीं हुई है। कस्बा में बने बिजलीघर के प्रारंभ हो जाने से कस्बा बेला, याकूबपुर, मल्हौसी, महू, नौसारा, रामनगर, गैली, तिरको, बरुकज्ुलासर, भदौरा, शिवरा, मनुआपुरवा समेत लगभग एक सौ गांव की जनता लाभान्वित होगी।
विज्ञापन
क्षेत्रीय व्यापारी सुमित कुशवाहा, सुभाष सैनी, रमेश सक्सेना, सुरेंद्र सक्सेना, अमित गुप्ता, विनोद पांडेय, रामबाबू शर्मा ने बताया कि बेला में बिजलीघर शुरू हो जाने से लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी।
पुरवासुजान विद्युत उपकेंद्र का भार कम हो जाने के कारण लाइन फाल्ट आदि की समस्याओं से छुटकारा मिलने से विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से मिलेगी।
उपखंड अधिकारी विद्युत मुकेश कटियार ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर नए बिजली घर से विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।