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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में लिखी जा रहीं बाहर की दवाएं
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सरोजनी
फोटो-40 ओपीडी में मरीजों की भीड़। संवाद
-ओपीडी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर होने की शिकायत, अधिकारी सख्ती का कर रहे दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। चिचौली स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में आने वाले मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है। डीएम के निर्देश के बावजूद चिकित्सकों पर बाहर की दवा लिखने के आरोप लग रहे हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने के बाद पर्चे पर लिखी कुछ दवाएं मेडिकल कॉलेज के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
बुधवार को भी कुछ मरीज बाहर के मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदते नजर आए। मरीज सफरुद्दीन ने बताया कि उन्हें पेशाब जाने में परेशानी थी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर को दिखाने के बाद एक दवा लिखी गई, जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिली। इसके चलते उन्हें दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने के बावजूद बाहर से दवा खरीदने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के अधिकारी बाहर की दवा लिखने पर रोक के लिए सख्ती किए जाने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था की निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो-36 सरोजनी
हर बार डॉक्टर बाहर से दवा लिखते हैं
काफी समय से मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। हर बार डॉक्टर कुछ दवाएं बाहर की लिखते हैं। सारी दवाएं अंदर से निशुल्क नहीं मिलती। - सरोजनी देवी, तिर्वा कन्नौज
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फोटो-37 रामादेवी
मेडिकल स्टोर का नाम तक बताते हैं डॉक्टर
प्रत्येक पर्चे में कुछ डॉक्टर जानबूझकर बाहर की दवा लिखते है वो दवाएं सिर्फ बाहर स्थिति मेडिकल स्टोरों पर ही मिलती है, कुछ डॉक्टर तो मेडिकल स्टोर के नाम लेकर कहते है कि ये दवा सिर्फ वही मिलेगी। अब तो जांचें भी बाहर मरीज करा रहे हैं। - रामादेवी, तिलक नगर
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वर्जन
ज्यादातर दवाएं उपलब्ध हैं। एक-दो दवाएं हो सकता है कि स्टोर में न हो और लिख दी गई हों। इसकी लगातार निगरानी की जा रही और गलती पाने पर नोटिस भी जारी होती है। -डॉ. मायाशंकर, उप चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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-ओपीडी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर होने की शिकायत, अधिकारी सख्ती का कर रहे दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। चिचौली स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में आने वाले मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है। डीएम के निर्देश के बावजूद चिकित्सकों पर बाहर की दवा लिखने के आरोप लग रहे हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने के बाद पर्चे पर लिखी कुछ दवाएं मेडिकल कॉलेज के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
बुधवार को भी कुछ मरीज बाहर के मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदते नजर आए। मरीज सफरुद्दीन ने बताया कि उन्हें पेशाब जाने में परेशानी थी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर को दिखाने के बाद एक दवा लिखी गई, जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिली। इसके चलते उन्हें दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने के बावजूद बाहर से दवा खरीदने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के अधिकारी बाहर की दवा लिखने पर रोक के लिए सख्ती किए जाने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था की निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो-36 सरोजनी
हर बार डॉक्टर बाहर से दवा लिखते हैं
काफी समय से मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। हर बार डॉक्टर कुछ दवाएं बाहर की लिखते हैं। सारी दवाएं अंदर से निशुल्क नहीं मिलती। - सरोजनी देवी, तिर्वा कन्नौज
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फोटो-37 रामादेवी
मेडिकल स्टोर का नाम तक बताते हैं डॉक्टर
प्रत्येक पर्चे में कुछ डॉक्टर जानबूझकर बाहर की दवा लिखते है वो दवाएं सिर्फ बाहर स्थिति मेडिकल स्टोरों पर ही मिलती है, कुछ डॉक्टर तो मेडिकल स्टोर के नाम लेकर कहते है कि ये दवा सिर्फ वही मिलेगी। अब तो जांचें भी बाहर मरीज करा रहे हैं। - रामादेवी, तिलक नगर
वर्जन
ज्यादातर दवाएं उपलब्ध हैं। एक-दो दवाएं हो सकता है कि स्टोर में न हो और लिख दी गई हों। इसकी लगातार निगरानी की जा रही और गलती पाने पर नोटिस भी जारी होती है। -डॉ. मायाशंकर, उप चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज

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