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Auraiya News: मैनपूठ नाला आठ फीट होगा चौड़ा, हटवाए जाएंगे कब्जे
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इंपैक्ट...
फोटो 13 एयूआरपी 05 दिबियापुर कोतवाली में समस्याएं सुनते डीएम व एसपी। संवाद
- 2019 से 200 बीघा खेत जलमग्न, नहीं उग पा रही फसलें
- किसानों की लगातार मांग के बाद डीएम ने लिया मामले का संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। देर से ही सही, लेकिन अब जल्द दिबियापुर से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां की जलमग्न जमीन से पानी की निकासी होगी। डीएम ने तहसील प्रशासन को सिंचाई विभाग के सहयोग से मैनपूठ नाला पर हुए कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नाले की सफाई कराकर इस आठ फीट चौड़ा कराने के लिए कहा है। जिससे कि खेतों में भरे पानी की निकासी हो सके।
दिबियापुर कस्बा से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां में 200 बीघा खेत जलमग्न हैं। यह समस्या साल 2019 से है। इसके लिए जिम्मेदार पांच किलोमीटर का मैनपूठ नाला है। किसानों के मुताबिक नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह नाले को पाट कर कब्जा कर लिया गया है। ऐसे में नाले की जलनिकासी अवरुद्ध होने की वजह से उनके गांवों में जलभराव की समस्या है।
जलभराव की चपेट में दिबियापुर कस्बा का भी कुछ हिस्सा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने इसे लेकर सरकारी दफ्तरों के खूब चक्कर काटे। लेकिन 2019 से अब तक इस मामले में शासन-प्रशासन स्तर से कोई भी कदम नहीं उठाया गया। हालांकि अब इस मामले में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने दखल दिया है।
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अमर उजाला ने इसे मुद्दा बनाकर अभियान चला रखा है। जिसका डीएम ने संज्ञान लिया है। शनिवार को दिबियापुर कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में उन्होंने इस मामले को लेकर तहसील प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है। इसके लिए नाले की चौड़ाई व गहराई दोनों पर काम होगा।
अतिक्रमण पर जेसीबी भी गरजेगी। यह सब काम सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बैठाते हुए राजस्व विभाग करेगा। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि मैनपूठ नाले को लेकर तहसील के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। नाले की चौड़ाई व गहराई को दुरुस्त किया जाएगा। अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।
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फोटो 13 एयूआरपी 05 दिबियापुर कोतवाली में समस्याएं सुनते डीएम व एसपी। संवाद
- 2019 से 200 बीघा खेत जलमग्न, नहीं उग पा रही फसलें
- किसानों की लगातार मांग के बाद डीएम ने लिया मामले का संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। देर से ही सही, लेकिन अब जल्द दिबियापुर से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां की जलमग्न जमीन से पानी की निकासी होगी। डीएम ने तहसील प्रशासन को सिंचाई विभाग के सहयोग से मैनपूठ नाला पर हुए कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नाले की सफाई कराकर इस आठ फीट चौड़ा कराने के लिए कहा है। जिससे कि खेतों में भरे पानी की निकासी हो सके।
दिबियापुर कस्बा से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां में 200 बीघा खेत जलमग्न हैं। यह समस्या साल 2019 से है। इसके लिए जिम्मेदार पांच किलोमीटर का मैनपूठ नाला है। किसानों के मुताबिक नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह नाले को पाट कर कब्जा कर लिया गया है। ऐसे में नाले की जलनिकासी अवरुद्ध होने की वजह से उनके गांवों में जलभराव की समस्या है।
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जलभराव की चपेट में दिबियापुर कस्बा का भी कुछ हिस्सा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने इसे लेकर सरकारी दफ्तरों के खूब चक्कर काटे। लेकिन 2019 से अब तक इस मामले में शासन-प्रशासन स्तर से कोई भी कदम नहीं उठाया गया। हालांकि अब इस मामले में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने दखल दिया है।
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अमर उजाला ने इसे मुद्दा बनाकर अभियान चला रखा है। जिसका डीएम ने संज्ञान लिया है। शनिवार को दिबियापुर कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में उन्होंने इस मामले को लेकर तहसील प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है। इसके लिए नाले की चौड़ाई व गहराई दोनों पर काम होगा।
अतिक्रमण पर जेसीबी भी गरजेगी। यह सब काम सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बैठाते हुए राजस्व विभाग करेगा। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि मैनपूठ नाले को लेकर तहसील के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। नाले की चौड़ाई व गहराई को दुरुस्त किया जाएगा। अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।