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Auraiya News: जिंदा महिला को मृत दर्शा वरासत चढ़ाने वाला लेखपाल निलंबित
Wed, 21 May 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 21 May 2025 12:06 AM IST
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आलोक पाल, निलंबित लेखपाल।
- फोटो : आलोक पाल, निलंबित लेखपाल।
औरैया। मां को कागजों में मृत दर्शाकर वरासत चढ़वाते हुए बेटे के जमीन बेचने के मामले में शामिल लेखपाल आलोक पाल को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया।
वहीं तहसील की ओर से सदर कोतवाली में इस फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। सदर तहसील की ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की 25 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
प्रेमा देवी ने आरोप लगाया कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। शिवपाल ने रिश्ते में उसके भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए मृतक प्रमाण पत्र दिखाते हुए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी थी। इस मामले को अमर उजाला ने 19 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस फर्जीवाड़े का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई थी। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह को जांच करते हुए रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए थे।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया। वहीं सदर कोतवाली में इस फर्जीवाड़े से जुड़े लोगों के खिलाफ तहरीर दिलाई गई है। सदर कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला की वरासत चढ़ाने के मामले में तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस मामले में सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है।-रणवीर सिंह, सदर तहसीलदार
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वहीं तहसील की ओर से सदर कोतवाली में इस फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। सदर तहसील की ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की 25 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
प्रेमा देवी ने आरोप लगाया कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। शिवपाल ने रिश्ते में उसके भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए मृतक प्रमाण पत्र दिखाते हुए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
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छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी थी। इस मामले को अमर उजाला ने 19 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस फर्जीवाड़े का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई थी। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह को जांच करते हुए रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए थे।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया। वहीं सदर कोतवाली में इस फर्जीवाड़े से जुड़े लोगों के खिलाफ तहरीर दिलाई गई है। सदर कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला की वरासत चढ़ाने के मामले में तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस मामले में सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है।-रणवीर सिंह, सदर तहसीलदार