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Auraiya News: मां को कागजों में मृत दिखाने के मामले में जांच शुरू
Tue, 20 May 2025 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 20 May 2025 12:21 AM IST
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औरैया। मां को कागजों में मृत दर्शाकर वरासत चढ़वाते हुए बेटे ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। इस फर्जीवाड़े का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई है।
एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह को जांच करते हुए रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। मामले में भतीजे लेखपाल की संलिप्तता भी सवालों के घेरे में है।
करीब 25 साल पहले ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की मौत हो गई थी। इसके बाद पति की जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
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प्रेमा देवी ने आरोप लगाया है कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसके बाद शिवपाल ने रिश्ते में भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी। इस मामले को अमर उजाला ने 19 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। मामले का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सदर एसडीएम से जवाब तलब किया। सदर तहसील के नायब तहसीलदार प्रकाश चौधरी गांव बम्हौरी पहुंचे। वहीं पूरे मामले को लेकर सभी के बयान व पक्षों को सुनते हुए जांच की।
नायब तहसीलदार ने बताया कि विरासत को निरस्त कर दिया गया है। जमीन पूर्व की तरह प्रेमा देवी के नाम किए जाने को लेकर कागजी कवायद शुरू कर दी गई है।
बम्हौरी में जिंदा महिला को मृत दर्शाकर वरासत चढ़वा ली है। जमीन बेच भी दी है। इस मामले में संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल हो या कोई अन्य, दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।-डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम
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एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह को जांच करते हुए रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। मामले में भतीजे लेखपाल की संलिप्तता भी सवालों के घेरे में है।
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करीब 25 साल पहले ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की मौत हो गई थी। इसके बाद पति की जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
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प्रेमा देवी ने आरोप लगाया है कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसके बाद शिवपाल ने रिश्ते में भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी। इस मामले को अमर उजाला ने 19 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। मामले का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सदर एसडीएम से जवाब तलब किया। सदर तहसील के नायब तहसीलदार प्रकाश चौधरी गांव बम्हौरी पहुंचे। वहीं पूरे मामले को लेकर सभी के बयान व पक्षों को सुनते हुए जांच की।
नायब तहसीलदार ने बताया कि विरासत को निरस्त कर दिया गया है। जमीन पूर्व की तरह प्रेमा देवी के नाम किए जाने को लेकर कागजी कवायद शुरू कर दी गई है।
बम्हौरी में जिंदा महिला को मृत दर्शाकर वरासत चढ़वा ली है। जमीन बेच भी दी है। इस मामले में संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल हो या कोई अन्य, दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।-डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम