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गरीबों का घर छीन रहे प्रधान और सचिव

Sat, 23 Apr 2016 11:36 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
Auraiya, Uttar pradesh, India Updated Sat, 23 Apr 2016 11:36 PM IST
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indira awas scham in auraiya
burned homes - फोटो : amar ujala
बिधूना तहसील की पंचायत भिखरा में प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी सरकारी योजनाओं में पलीता लगाने में लगे हैं। हालात यह है कि इंदिरा आवास वितरण में 50 से 60 अपात्रों को आवास दे दिए गए। वहीं इतने ही शौचालयों को कागजों में निर्मित दिखा ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान ने लाखों रुपये का गबन कर लिया। मामले में गांव सराय, सरैया, खरगपुर, भिखरा, भौराजपुर के ग्रामीणों ने डीएम से लेकर एसडीएम तक न्याय की गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
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सांसद डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र बिधूना की पंचायत भिखरा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सत्र 2014-15 व 2015-16 में प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलकर लगभग 50-60  ग्रामीणों को पात्र बनाकर उन्हें इंदिरा आवास आवंटित कर दिए। इसके साथ ही इतने ही आवासों में बनाए जाने वाले शौचालयों को कागजों में निर्मित दर्शा कर पूरा बजट हड़प लिया। दोनों वित्तीय वर्ष में शौचालयों के निर्माण के लिए आई धनराशि न तो पात्रों को दी गई और न ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। गांववालों ने बताया कि नवनियुक्त प्रधान ने भी 10 पात्रों का हक हड़पते हुए उनके शौचालयों का निर्माण दिखाकर रुपया निकाल लिया। हेरफेर का यह खेल सराय, सरैया, खरगपुर, भिखरा, भौराजपुर गांवों के ग्रामीणों के साथ खेला गया है।
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शिकायती पत्र मिला था। इसकी जांच सीडीओ को दी गई थी, अभी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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माला श्रीवास्तव, डीएम

डीएम साहिबा भी नहीं सुन रहीं शिकायत
सिर छिपाने के लिए दर-दर भटक रहे सराय भिखरा निवासी नरेश चंद्र शर्मा, ईशराक अली, केशर बेगम, शायराबानो, नूरबानो, नूरज हां, सलीमन, फातिमा, रुकसाना, साकिर अली, यतीमा बेगम, इमान अली ने 17 मार्च को इस बावत डीएम को शिकायती पत्र दिया था। इस खबर को अमर उजाला ने 18 मार्च के अंक मेें प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 13 अप्रैल को दोबारा (डीएम की गैर मौजूदगी में) प्रभारी डीएम से मिलकर सरैया निवासी हीरा सिंह पुत्र मोहन सिंह ने शिकायत कर जांच कराए जाने की गुहार लगाई। इसके बावजूद आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने फिर से डीएम से न्याय की मांग करते हुए प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से किए गए हेरफेर की जांच कराए जाने की मांग की है।
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