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Auraiya News: हंगामे के बाद बंद हुआ खाद वितरण, लौटे किसान
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एरवाकटरा। क्षेत्र की बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति मकरंदपुर बरौनाकला पर सोमवार सुबह अकाउंटेंट सुबोध यादव ने समिति पर खाद का वितरण शुरू किया। खाद का स्टॉक खत्म होता देख लाइन में लगे किसान विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। किसानों के हंगामे के कारण खाद वितरण बंद कर सचिव समिति में ताला डालकर दो दिन बाद रैक आने पर खाद वितरण का आश्वासन देकर चले गए।
मंगलवार को मकरंदपुर सहकारी समिति के सचिव प्रेम सिंह, वैवाह समिति के सचिव सुभाष यादव और सहकारी संघ कुदरकोट के सचिव संतोष यादव के साथ समिति पर पहुंचे। खाद वितरण शुरू कराया। किसानों की संख्या को देखते हुए एक आधार कार्ड पर एक बोरी के हिसाब से वितरण शुरू हुआ। इसी बीच कुछ किसान समिति में घुसकर पांच और 10 बोरी डीएपी देने का दबाव बनाने लगे।
सचिव प्रेम सिंह ने असमर्थता जाहिर करने पर सरकारी गेहूं खरीद के समय समिति को गेहूं दिए जाने की बात कहकर किसान अपनी बात पर अड़ गए। जिससे हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच समिति के पास स्थित बरौनाकला चौकी के सिपाही आ पहुंचे। लेकिन किसानों की भीड़ और हंगामे को देखते हुए वितरण बंद कर दिया गया। मकरंदपुर बरौनाकला समिति के सचिव प्रेम सिंह ने बताया कि वह कैंसर रोग से पीड़ित हैं।
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उनका इलाज चल रहा है। समिति पर खाद आने पर वह मंगलवार को डीएपी खाद वितरित कराने पहुंचे थे। किसानों के हंगामे और पर्याप्त पुलिस फोर्स न होने के कारण डीएपी का वितरण बंद कर दिया गया। डीएपी की रैक से डीएपी खाद मिलने पर समिति पर पर्याप्त खाद होने पर डीएपी वितरित की जाएगी। जिससे ज्यादा किसानों को खाद मिल सकेगी।
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मंगलवार को मकरंदपुर सहकारी समिति के सचिव प्रेम सिंह, वैवाह समिति के सचिव सुभाष यादव और सहकारी संघ कुदरकोट के सचिव संतोष यादव के साथ समिति पर पहुंचे। खाद वितरण शुरू कराया। किसानों की संख्या को देखते हुए एक आधार कार्ड पर एक बोरी के हिसाब से वितरण शुरू हुआ। इसी बीच कुछ किसान समिति में घुसकर पांच और 10 बोरी डीएपी देने का दबाव बनाने लगे।
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सचिव प्रेम सिंह ने असमर्थता जाहिर करने पर सरकारी गेहूं खरीद के समय समिति को गेहूं दिए जाने की बात कहकर किसान अपनी बात पर अड़ गए। जिससे हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच समिति के पास स्थित बरौनाकला चौकी के सिपाही आ पहुंचे। लेकिन किसानों की भीड़ और हंगामे को देखते हुए वितरण बंद कर दिया गया। मकरंदपुर बरौनाकला समिति के सचिव प्रेम सिंह ने बताया कि वह कैंसर रोग से पीड़ित हैं।
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उनका इलाज चल रहा है। समिति पर खाद आने पर वह मंगलवार को डीएपी खाद वितरित कराने पहुंचे थे। किसानों के हंगामे और पर्याप्त पुलिस फोर्स न होने के कारण डीएपी का वितरण बंद कर दिया गया। डीएपी की रैक से डीएपी खाद मिलने पर समिति पर पर्याप्त खाद होने पर डीएपी वितरित की जाएगी। जिससे ज्यादा किसानों को खाद मिल सकेगी।