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Auraiya News: जनप्रतिनिधियों को भी नहीं दिखती कॉलोनी की दुर्दशा
Wed, 27 Aug 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:23 AM IST
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फोटो-26एयूआरपी 13- कॉलोनी की जर्जर सड़क पर हुआ जलभराव। संवाद
औरैया। शहर की आवास विकास कॉलोनी की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जनप्रतिनिधि भी वोट लेकर चुनाव जीतने के बाद यहां के लोगों से किए वादे भूल गए।
हालात यह हैं कि जरा सी बारिश में कॉलोनी जलभराव से जूझ रही है। वहीं सीवरेज व्यवस्था को लेकर लोग पहले ही सालों से परेशान हैं। जनता को आवासीय सुविधा देने के लिए साल 1996 में आवास विकास परिषद ने शहर के कानपुर रोड किनारे बदनपुर वार्ड में यह कॉलोनी बसाई थी।
वर्ष 2003 से यहां प्लॉटों व भूखंडों के आवंटन ने तेजी पकड़ी। उस वक्त यहां पर रसूखदारों के साथ ही आम आदमी ने भी आवास आवंटित कराए थे। मौजूदा वक्त में यहां की कॉलोनी में करीब पांच हजार की आबादी बस चुकी है, लेकिन आवासीय कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं अभी भी नाकाफी हैं।
जिम्मेदार यहां पर सड़क, बिजली, पानी, जलनिकासी और सीवरेज से मुंह मोड़े हुए हैं। हालात यह हैं कि कॉलोनी गांव से भी बदतर हालत में है। इसके पीछे की वजह कॉलोनी का पालिका को हैंडओवर न होना है। जबकि सीवरेज व्यवस्था न होने से पालिका भी कॉलोनी को अपने हाथों में लेने से मना कर रही है।
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लोगों का कहना है कि यहां की आबादी में करीब ढाई हजार मतदाता हैं, जो लोकसभा, विधानसभा, निकाय चुनाव में वोट डालते हैं। वहीं, निर्वाचित होने के बाद जनप्रतिनिधि दोबारा इस आवासीय कॉलोनी की तरफ मुड़कर नहीं देखते हैं। जबकि यहां की जनता को हर चुनाव में उनसे यह उम्मीदें रहती है कि जनप्रतिनिधि उनकी समस्या का निदान करेंगे।
चुनाव बाद भूल जाते
कॉलोनी निवासी भानु प्रताप कहते हैं कि हर चुनाव में प्रत्याशी उनकी सोसायटी में चार चांद लगवाने का भरोसा देते हैं। वहीं चुनाव जीतने के बाद भूल जाते हैं।
कोई नेता नहीं सुनता
कॉलोनी निवासी शिवम गुप्ता का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद कोई भी नेता उनकी समस्या नहीं सुनता है। निदान तो दूर की बात है।
पूरी कॉलोनी की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया
सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने आठ इंटरलाॅकिंग सड़कें बनवाईं। पूर्व सपा सांसद प्रेमदास कठेरिया ने पुलिस लाइन के बगल की इंटरलाॅकिंग सड़क का निर्माण कराया था। भाजपा एमएलसी सलिल विश्नोई ने भी काली माता मंदिर रोड व तिलक एजुकेशनल अकादमी के आसपास की सड़कें बनवाईं।
सपा के एमएलसी पुष्पराज जैन ने सपा नेता अशोक गुप्ता के घर के आसपास की सड़कें इंटरलॉकिंग बनवाई। इसके अलावा पूर्व पालिकाध्यक्ष नंदिता शुक्ला व गायत्री ने भी कार्यकाल में नौ सड़कें इंटरलॉकिंग बनवाई गईं। मौजूदा चेयरमैन अनूप गुप्ता ने कानपुर रोड से काली माता मंदिर व पुलिस लाइन से संतोष पाठक के घर तक हाई मास्ट लाइटें लगवाईं।
लोगों का कहना है कि जिन जनप्रतिनिधियों ने कुछ सड़कें बनवाईं, वह काफी नहीं है। किसी ने पूरी कॉलोनी की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया
सीएम से मिलकर की बजट की मांग : पालिका अध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि आवास विकास का सेक्टर एक व दो नगर पालिका के अधीन है। वहां सड़क व नालियों का निर्माण कराया गया है। जबकि सेक्टर तीन से सात तक अभी आवास विकास के अधीन है।
सीवरेज लाइन न बनी होने से नगर पालिका उसे अपने अधीन नहीं ले रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से मिलकर सीवरेज लाइन बनवाने के लिए बजट की मांग की है। उन्हें इस संबंध में पत्र भी दिया है। अगर शासन बजट दे दो तो वह सीवरेज लाइन बनवाकर कॉलोनी पालिका में हस्तांतरित करवा लेंगे।
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हालात यह हैं कि जरा सी बारिश में कॉलोनी जलभराव से जूझ रही है। वहीं सीवरेज व्यवस्था को लेकर लोग पहले ही सालों से परेशान हैं। जनता को आवासीय सुविधा देने के लिए साल 1996 में आवास विकास परिषद ने शहर के कानपुर रोड किनारे बदनपुर वार्ड में यह कॉलोनी बसाई थी।
वर्ष 2003 से यहां प्लॉटों व भूखंडों के आवंटन ने तेजी पकड़ी। उस वक्त यहां पर रसूखदारों के साथ ही आम आदमी ने भी आवास आवंटित कराए थे। मौजूदा वक्त में यहां की कॉलोनी में करीब पांच हजार की आबादी बस चुकी है, लेकिन आवासीय कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं अभी भी नाकाफी हैं।
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जिम्मेदार यहां पर सड़क, बिजली, पानी, जलनिकासी और सीवरेज से मुंह मोड़े हुए हैं। हालात यह हैं कि कॉलोनी गांव से भी बदतर हालत में है। इसके पीछे की वजह कॉलोनी का पालिका को हैंडओवर न होना है। जबकि सीवरेज व्यवस्था न होने से पालिका भी कॉलोनी को अपने हाथों में लेने से मना कर रही है।
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लोगों का कहना है कि यहां की आबादी में करीब ढाई हजार मतदाता हैं, जो लोकसभा, विधानसभा, निकाय चुनाव में वोट डालते हैं। वहीं, निर्वाचित होने के बाद जनप्रतिनिधि दोबारा इस आवासीय कॉलोनी की तरफ मुड़कर नहीं देखते हैं। जबकि यहां की जनता को हर चुनाव में उनसे यह उम्मीदें रहती है कि जनप्रतिनिधि उनकी समस्या का निदान करेंगे।
चुनाव बाद भूल जाते
कॉलोनी निवासी भानु प्रताप कहते हैं कि हर चुनाव में प्रत्याशी उनकी सोसायटी में चार चांद लगवाने का भरोसा देते हैं। वहीं चुनाव जीतने के बाद भूल जाते हैं।
कोई नेता नहीं सुनता
कॉलोनी निवासी शिवम गुप्ता का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद कोई भी नेता उनकी समस्या नहीं सुनता है। निदान तो दूर की बात है।
पूरी कॉलोनी की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया
सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने आठ इंटरलाॅकिंग सड़कें बनवाईं। पूर्व सपा सांसद प्रेमदास कठेरिया ने पुलिस लाइन के बगल की इंटरलाॅकिंग सड़क का निर्माण कराया था। भाजपा एमएलसी सलिल विश्नोई ने भी काली माता मंदिर रोड व तिलक एजुकेशनल अकादमी के आसपास की सड़कें बनवाईं।
सपा के एमएलसी पुष्पराज जैन ने सपा नेता अशोक गुप्ता के घर के आसपास की सड़कें इंटरलॉकिंग बनवाई। इसके अलावा पूर्व पालिकाध्यक्ष नंदिता शुक्ला व गायत्री ने भी कार्यकाल में नौ सड़कें इंटरलॉकिंग बनवाई गईं। मौजूदा चेयरमैन अनूप गुप्ता ने कानपुर रोड से काली माता मंदिर व पुलिस लाइन से संतोष पाठक के घर तक हाई मास्ट लाइटें लगवाईं।
लोगों का कहना है कि जिन जनप्रतिनिधियों ने कुछ सड़कें बनवाईं, वह काफी नहीं है। किसी ने पूरी कॉलोनी की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया
सीएम से मिलकर की बजट की मांग : पालिका अध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि आवास विकास का सेक्टर एक व दो नगर पालिका के अधीन है। वहां सड़क व नालियों का निर्माण कराया गया है। जबकि सेक्टर तीन से सात तक अभी आवास विकास के अधीन है।
सीवरेज लाइन न बनी होने से नगर पालिका उसे अपने अधीन नहीं ले रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से मिलकर सीवरेज लाइन बनवाने के लिए बजट की मांग की है। उन्हें इस संबंध में पत्र भी दिया है। अगर शासन बजट दे दो तो वह सीवरेज लाइन बनवाकर कॉलोनी पालिका में हस्तांतरित करवा लेंगे।