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मुकदमा दर्ज कराने को कोतवाली के चक्कर लगा रहा पीड़ित
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भरसेन निवासी पीड़ित चार दिन से रिपोर्ट दर्ज कराने को भटक रहा है। लेकिन आज तक पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। कोतवाली पुलिस में दी तहरीर में पीड़ित ने अपनी पत्नी पर चाकू मारने का आरोप लगाया है। साथ ही इस घटना में अपने साले पर भी षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है।
कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में गांव भरसेन निवासी पीड़ित राजेंद्र बाबू पुत्र कामता प्रसाद ने बताया कि पत्नी से मुकदमा चल रहा है। 8 अगस्त को पत्नी अपने मां के साथ उसके घर भरसेन आई। जहां षड्यंत्र के तहत उसकी पत्नी ने उसके पेट में चाकू घोप दिया।
इस पर वह पेट में घुसी चाकू के साथ कोतवाली पहुंचा। जहां उसने पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से कानपुर रेफर किया गया। बताया कि कानपुर से आने के बाद भी वह कई बार कोतवाली के चक्कर लगा चुका है। पर पुलिस उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
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पीड़ित का आरोप है कि इस घटनाक्रम में उसके पत्नी के भाई जो उसका रिश्ते में साला है वह पुलिस विभाग में नौकरी करता है। वह तथा उसकी पत्नी की मां भी इस षडयंत्र में शामिल है। जिसको लेकर पुलिस उस पर उसके साले का नाम हटाने का दबाव दे रही है।
इस संबंध में घटना के बाद जांच करने पहुंचे एसआई केएन यादव ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर वह मामले की जांच करने गए थे। जहां उसका साला मौजूद नहीं था। इसके बाद भी तहरीर में वह उसका नाम लिखे हुए हैं। जब पूछा गया कि जांच के दौरान उसके साले का कहां होना पाया गया, इस पर वह कुछ भी बताने से कतराते रहे।
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कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में गांव भरसेन निवासी पीड़ित राजेंद्र बाबू पुत्र कामता प्रसाद ने बताया कि पत्नी से मुकदमा चल रहा है। 8 अगस्त को पत्नी अपने मां के साथ उसके घर भरसेन आई। जहां षड्यंत्र के तहत उसकी पत्नी ने उसके पेट में चाकू घोप दिया।
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इस पर वह पेट में घुसी चाकू के साथ कोतवाली पहुंचा। जहां उसने पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से कानपुर रेफर किया गया। बताया कि कानपुर से आने के बाद भी वह कई बार कोतवाली के चक्कर लगा चुका है। पर पुलिस उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
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पीड़ित का आरोप है कि इस घटनाक्रम में उसके पत्नी के भाई जो उसका रिश्ते में साला है वह पुलिस विभाग में नौकरी करता है। वह तथा उसकी पत्नी की मां भी इस षडयंत्र में शामिल है। जिसको लेकर पुलिस उस पर उसके साले का नाम हटाने का दबाव दे रही है।
इस संबंध में घटना के बाद जांच करने पहुंचे एसआई केएन यादव ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर वह मामले की जांच करने गए थे। जहां उसका साला मौजूद नहीं था। इसके बाद भी तहरीर में वह उसका नाम लिखे हुए हैं। जब पूछा गया कि जांच के दौरान उसके साले का कहां होना पाया गया, इस पर वह कुछ भी बताने से कतराते रहे।