{"_id":"6ac3ec3e720d3158d70e09c8","slug":"case-against-constable-for-assault-and-snatching-a-mobile-phone-dropped-auraiya-news-c-211-1-akb1003-152787-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: सिपाही के खिलाफ मारपीट और मोबाइल छीनने मुकदमा खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: सिपाही के खिलाफ मारपीट और मोबाइल छीनने मुकदमा खत्म
विज्ञापन
औरैया। जनेतपुर धौरेरा निवासी गौरव राजपूत ने इंडियन ऑयल चौकी पर तैनात सिपाही विजय कुमार के खिलाफ मोबाइल छीनने, मारपीट और अन्य आरोप लगाते हुए न्यायालय के आदेश पर औरैया कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद मामले को स्पंज (समाप्त) कर दिया है।
गौरव ने न्यायालय में दी तहरीर में बताया कि 17 अप्रैल 2026 को उसके पिता हरिश्चंद्र राजपूत और ताऊ कैप्टन कैश राजपूत के बीच भूसे का कूप रखने को लेकर विवाद हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को समझौते के लिए थाने ले गई। आरोप है कि चौकी पर तैनात सिपाही विजय कुमार ने समझौता कराने के बजाय गौरव के पिता समेत परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। गौरव का आरोप है कि थाने में उसके चचेरे भाई शिवम राजपूत से मारपीट की गई। पिता के बचाव में आने पर उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट हुई। गौरव ने घटना का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो सिपाही ने उसका मोबाइल छीन लिया।
गौरव ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। थाना प्रभारी जितेंद्र तिवारी ने बताया कि जांच में आरोप सही साबित नहीं हुए, इसलिए प्राथमिकी स्पंज कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरव ने न्यायालय में दी तहरीर में बताया कि 17 अप्रैल 2026 को उसके पिता हरिश्चंद्र राजपूत और ताऊ कैप्टन कैश राजपूत के बीच भूसे का कूप रखने को लेकर विवाद हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को समझौते के लिए थाने ले गई। आरोप है कि चौकी पर तैनात सिपाही विजय कुमार ने समझौता कराने के बजाय गौरव के पिता समेत परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। गौरव का आरोप है कि थाने में उसके चचेरे भाई शिवम राजपूत से मारपीट की गई। पिता के बचाव में आने पर उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट हुई। गौरव ने घटना का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो सिपाही ने उसका मोबाइल छीन लिया।
विज्ञापन
गौरव ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। थाना प्रभारी जितेंद्र तिवारी ने बताया कि जांच में आरोप सही साबित नहीं हुए, इसलिए प्राथमिकी स्पंज कर दी गई है।
विज्ञापन