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Auraiya News: एक्सप्रेसवे किनारे 756 एकड़ में बसेगा उद्योगों का नया शहर
Wed, 19 Aug 2026 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:49 AM IST
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औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे अब औरैया के औद्योगिक विकास का नया गलियारा बनने जा रहा है। एक्सप्रेसवे किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के फेज-दो के लिए सात गांवों की करीब 756 एकड़ (306 हेक्टेयर) भूमि चिह्नित की गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उद्योगों के लिए भूखंड विकसित होने के साथ बड़े निवेश की राह खुलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे आसपास के गांवों में भी कारोबार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
फेज-दो में राजंदाजपुर, मिहौली, शाहबदा, मलकपुर, सैनपुर, निगड़ा और कबीरपुर की जमीन शामिल है। इनमें सबसे अधिक 194.373 हेक्टेयर भूमि शाहबदा में चिह्नित की गई है। प्रस्तावित क्षेत्र में करीब 11 हेक्टेयर ग्राम समाज और 295 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। यूपीडा की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं
भूमि अधिग्रहण के बाद यूपीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में चौड़ी सड़कें, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट समेत आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके बाद उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना है।
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एक्सप्रेसवे बनेगा सबसे बड़ा फायदा
औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इससे कच्चे माल को लाने और तैयार उत्पादों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। परिवहन और लॉजिस्टिक लागत कम होने से निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षक बन सकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि फेज-2 के विकसित होने के बाद औरैया में बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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गांवों में भी बढ़ेगा कारोबार
औद्योगिक हब बनने का असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के गांवों में होटल, भोजनालय, किराये के मकान, वाहन, मरम्मत, पैकेजिंग, वेयरहाउस और परिवहन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय बाजारों को नया ग्राहक वर्ग मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
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इंडस्ट्रियल कॉरिडोर फेज-2 के लिए सात गांवों की करीब 306 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। यूपीडा ने आपत्तियां आमंत्रित की हैं। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर उद्योगों के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
-अविनाश चंद्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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फेज-दो में राजंदाजपुर, मिहौली, शाहबदा, मलकपुर, सैनपुर, निगड़ा और कबीरपुर की जमीन शामिल है। इनमें सबसे अधिक 194.373 हेक्टेयर भूमि शाहबदा में चिह्नित की गई है। प्रस्तावित क्षेत्र में करीब 11 हेक्टेयर ग्राम समाज और 295 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। यूपीडा की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
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सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं
भूमि अधिग्रहण के बाद यूपीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में चौड़ी सड़कें, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट समेत आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके बाद उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना है।
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एक्सप्रेसवे बनेगा सबसे बड़ा फायदा
औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इससे कच्चे माल को लाने और तैयार उत्पादों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। परिवहन और लॉजिस्टिक लागत कम होने से निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षक बन सकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि फेज-2 के विकसित होने के बाद औरैया में बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा।
गांवों में भी बढ़ेगा कारोबार
औद्योगिक हब बनने का असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के गांवों में होटल, भोजनालय, किराये के मकान, वाहन, मरम्मत, पैकेजिंग, वेयरहाउस और परिवहन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय बाजारों को नया ग्राहक वर्ग मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर फेज-2 के लिए सात गांवों की करीब 306 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। यूपीडा ने आपत्तियां आमंत्रित की हैं। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर उद्योगों के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
-अविनाश चंद्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)