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Election Results 2022: मतगणना के समय से लेकर विजेताओं के एलान तक, जानें सबकुछ

Thu, 10 Mar 2022 05:28 AM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 10 Mar 2022 05:28 AM IST
सार

आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनावों के नतीजों का एलान होगा। इन पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं।

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Assembly Election Results 2022: Know All About Vote Counting Time Vote Announcement Time Winners Announcement
विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनावों के परिणाम आज (10 मार्च) जारी होंगे। पूरे देश को इसका बेसब्री से इंतजार है। नतीजों से यह मालूम चलेगा कि इन पांचों राज्यों में कौन सी पार्टी सरकार बनाएगी और किसे जनता ने नकार दिया। इसके पहले आपके मन में भी कई सवाल होंगे। मसलन कब से काउंटिंग शुरू होगी? मतणगना स्थल पर क्या होगा? काउंटिंग की प्रक्रिया क्या होती है? हम आपको इस रिपोर्ट में हर उस सवाल का जवाब देंगे, जिसे आप जानना चाहते हैं। पढ़िए ये रिपोर्ट...
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1. मतगणना कितने बजे से शुरू होगी?
चुनाव आयोग के मुताबिक, मतगणना की प्रक्रिया पांचों राज्यों में सुबह आठ बजे से शुरू होगी। 

2. मतगणना स्थल कहां-कहां बनाए गए हैं? 
पांचों राज्यों के हर जिले की मंडी समितियों को मतगणना स्थल के रूप में बदल दिया गया है। मतगणना स्थल में ही बने स्ट्रांग रूम में ईवीएम और पोस्टल बैलेट की मतपेटियां रखी गईं हैं। सुबह आठ बजे से कैमरे, प्रत्याशियों और अफसरों के सामने खोले जाएंगे। 
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3. मतगणना स्थल पर क्या होता है? 
मतगणना वाले दिन अलग-अलग चरण में मतों की गिनती होती है। हर चरण में 14 ईवीएम खोली जाती हैं। आमतौर पर एक बूथ पर एक ईवीएम होती है और हर बूथ को करीब 1200 वोटर के लिए बनाया जाता है। 60% से 70% वोटिंग के हिसाब से हर बूथ पर 750 से 850 वोट पड़ते हैं। इस हिसाब से हर राउंड में करीब 10 हजार से लेकर 12 हजार वोट गिने जाते हैं। वोट की इसी संख्या को सुविधाजनक मानते हुए चुनाव आयोग ने हर राउंड में 14 ईवीएम के वोट गिनने की पॉलिसी बनाई है। 
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  • काउंटिंग हॉल में एक बाड़बंदी के भीतर 14-14 टेबल लगे होते हैं। हर टेबल पर एक ईवीएम के वोट गिने जाते हैं। 
  • इस बाड़बंदी में एक तरफ ब्लैक बोर्ड होता है। हर राउंड की गिनती के बाद सभी प्रत्याशियों को मिले वोटों को इसी ब्लैक बोर्ड पर लिखा जाता है।
  • एक बूथ की ईवीएम मशीन को एक टेबल पर रखा जाता है। किस टेबल पर किस बूथ की मशीन रखी जाएगी, इसके लिए पहले से चार्ट तैयार कर लिया जाता है।
  • सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होती है। पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाती है। इसके 30 मिनट बाद ईवीएम की गिनती होती है। (हालांकि, बिहार चुनाव के दौरान पहले ईवीएम के मतों की गिनती हुई और उसके बाद पोस्टल बैलेट की गिनती हुई। इसके चलते काफी हंगामा हुआ था।)
4. पहले किस तरह के मतों की गिनती होगी? 
अभी तक चुनाव आयोग के नियमानुसार पहले पोस्टल बैलेट के मतों की गिनती होती रही है। हालांकि, बिहार में पहले ईवीएम के मतों की गिनती कराई गई थी। इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। 


5. ईवीएम से कैसे होती है काउंटिंग?
  • ईवीएम मशीन में मौजूद रिजल्ट वन को दबाया जाता है, जिसके बाद पता चलता है कि किस कैंडिडेट को कितने वोट मिले। इसके लिए दो-तीन मिनट का समय मिलता है।
  • इसे डिस्प्ले बोर्ड पर फ्लैश किया जाता है। ताकि, सभी 14 टेबल पर बैठे चुनाव कर्मी और उम्मीदवार के एजेंट देख लें। इसी को हम रुझान कहते हैं।
  • सभी 14 टेबल पर मौजूद मतगणना कर्मी हर राउंड में फॉर्म 17-सी भरकर एजेंट से हस्ताक्षर के बाद आरओ को देते हैं।
  • आरओ हर राउंड में मतों की गिनती दर्ज करते हैं। इस नतीजे को हर राउंड के बाद ब्लैक बोर्ड पर लिखा जाता और लॉउडस्पीकर की मदद से घोषणा की जाती है।
  • पहले चरण की गिनती पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी 2 मिनट का इंतजार करता है ताकि किसी उम्मीदवार को कोई आपत्ति हो तो वो दर्ज करा सके।
  • ये रिटर्निंग ऑफिसर पर निर्भर करता है कि वो फिर से वोटों की गिनती करवाना चाहता है या उस उम्मीदवार को आश्वस्त करता है कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
  • हर राउंड के बाद रिजल्ट के बारे में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को रिटर्निंग ऑफिसर सूचना देता है।
  • किसी विवाद की स्थिति में वीवीपैट पर्चियों का मिलान ईवीएम में पड़े वोटों से कराई जाती है। 

6. विजेताओं का एलान कैसे होता है? 

मतों की गिनती पूरी होने के बाद प्रत्याशियों से आपत्ति मांगी जाती है। अगर निर्वाचन अधिकारी को लगता है कि किसी प्रत्याशी से मिली आपत्ति जायज है तो उसकी जांच कराई जाती है। नहीं, तो मतों के आधार पर विजेता प्रत्याशी का एलान कर दिया जाता है। जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से विजेता को सर्टिफिकेट दिया जाता है।
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