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Amroha News: किसान की हत्या में दो को उम्रकैद
Wed, 17 Sep 2025 02:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:46 AM IST
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अमरोहा। करीब 11 साल पहले किसान हरचरन की हत्या करने वाले दो दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों दोषी जमानत पर बाहर थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
हत्या की यह वारदात आदमपुर गांव में हुई थी। परिजनों के मुताबिक गांव निवासी किसान हरचरन सिंह 22 मई 2014 की रात खेत पर सो रहे थे। तभी गांव के विजेंद्र और उसके रिश्तेदार नन्हुआ ने हरचरन की रस्सी से गला घोटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को आत्महत्या दर्शाने के लिए रस्सी के सहारे फंदे पर लटका दिया था। इस मामले में किसानकी पत्नी क्रांति देवी ने विजेंद्र और नन्हुआ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल विजेंद्र और नन्हुआ जमानत पर जेल से बाहर थे।
मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी विजेंद्र और नन्हुआ को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ट ने बताया कि हरचरन की हत्या से पहले 19 मई 2014 की रात विजेंद्र के दादा श्यामलाल की हत्या हो गई थी जिसमें हरचरन का बेटा अशोक नामजद था। अशोक को साल 2023 में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। श्यामलाल की हत्या के बाद विजेंद्र ने खून का बदला खून से लेने की धमकी दी थी जिसके चौथे दिन विजेंद्र और नन्हुआ ने हरचरन की हत्या कर दी थी।
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हत्या की यह वारदात आदमपुर गांव में हुई थी। परिजनों के मुताबिक गांव निवासी किसान हरचरन सिंह 22 मई 2014 की रात खेत पर सो रहे थे। तभी गांव के विजेंद्र और उसके रिश्तेदार नन्हुआ ने हरचरन की रस्सी से गला घोटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को आत्महत्या दर्शाने के लिए रस्सी के सहारे फंदे पर लटका दिया था। इस मामले में किसानकी पत्नी क्रांति देवी ने विजेंद्र और नन्हुआ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल विजेंद्र और नन्हुआ जमानत पर जेल से बाहर थे।
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मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी विजेंद्र और नन्हुआ को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ट ने बताया कि हरचरन की हत्या से पहले 19 मई 2014 की रात विजेंद्र के दादा श्यामलाल की हत्या हो गई थी जिसमें हरचरन का बेटा अशोक नामजद था। अशोक को साल 2023 में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। श्यामलाल की हत्या के बाद विजेंद्र ने खून का बदला खून से लेने की धमकी दी थी जिसके चौथे दिन विजेंद्र और नन्हुआ ने हरचरन की हत्या कर दी थी।
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