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Amroha News: चार सितंबर को बाल वाटिकाओं में आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रम
Wed, 03 Sep 2025 02:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 03 Sep 2025 02:32 AM IST
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अमरोहा। बेसिक शिक्षा विभाग में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के नजदीकी विद्यालयों में विलय के बाद खाली हुए भवनों में बाल वाटिकाओं का आयोजन शुरू कर दिया गया है। बाल विकास व पुष्टाहार को नौ स्कूलों के भवन बाल वाटिका शुरू करने के लिए मिले थे जिसमें सात भवनों में बाल वाटिका का आयोजन शुरू कर दिया गया है। इन बाल वाटिकाओं में चार सितंबर तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों को सीख जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों की औपचारिक शिक्षा से पहले मजबूत नींव रखेगी। प्राथमिक विद्यालयों में छह साल तक के बच्चों को बाल वाटिका में प्रवेश दिलाकर उनको खेल-खेल में अक्षर व दूसरे ज्ञान कराकर उनको प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जा सकेगा जिससे की उनका रचनात्मक विकास भी हो सके। विलय की प्रक्रिया के बाद खाली हुए परिषदीय स्कूलों के 24 भवनों में नौ स्कूल बाल वाटिका के लिए उपयुक्त पाए गए थे लेकिन इनमें दो विद्यालयों के भवन जर्जर होने के कारण वहां बाल वाटिकाओं का संचालन नहीं किया जा सका।
इसके अलावा सात स्कूलों में 15 अगस्त से ही बाल वाटिका के तहत होने वाली गतिविधियों को शुरू कर दिया गया है। अब शिक्षक दिवस के मौके पर इन बाल वाटिकाओं में दो से चार सितंबर तक अलग-अलग विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा जिसमें अलग-अलग दिन कविता पाठ, कहानी व रोल प्ले, बच्चों द्वारा स्वयं का परिचय व महान व्यक्तित्व से संबंधित नारे व स्लोगन की जानकारी, आवाज पहचानने की गतिविधि व अच्छी आदतों का प्रदर्शन सिखाया जाएगा।
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खाली हुए स्कूलों में यहां शुरू हुई बाल वाटिका
- मानकजूड़ी
- जलालपुर घना
- मोहम्मदपुर बंगर
- कमालपुरी
- अकबरपुर
- बरखेड़ा सादात
- लुहारी भूड़
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रिक्त हुए स्कूलों में बाल वाटिकाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। बाल वाटिकाओं में राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से शिक्षक दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को बाल वाटिकाओं में बच्चों के रचनात्मक विकास को कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। - ज्ञान प्रकाश तिवारी, डीपीओ
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों की औपचारिक शिक्षा से पहले मजबूत नींव रखेगी। प्राथमिक विद्यालयों में छह साल तक के बच्चों को बाल वाटिका में प्रवेश दिलाकर उनको खेल-खेल में अक्षर व दूसरे ज्ञान कराकर उनको प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जा सकेगा जिससे की उनका रचनात्मक विकास भी हो सके। विलय की प्रक्रिया के बाद खाली हुए परिषदीय स्कूलों के 24 भवनों में नौ स्कूल बाल वाटिका के लिए उपयुक्त पाए गए थे लेकिन इनमें दो विद्यालयों के भवन जर्जर होने के कारण वहां बाल वाटिकाओं का संचालन नहीं किया जा सका।
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इसके अलावा सात स्कूलों में 15 अगस्त से ही बाल वाटिका के तहत होने वाली गतिविधियों को शुरू कर दिया गया है। अब शिक्षक दिवस के मौके पर इन बाल वाटिकाओं में दो से चार सितंबर तक अलग-अलग विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा जिसमें अलग-अलग दिन कविता पाठ, कहानी व रोल प्ले, बच्चों द्वारा स्वयं का परिचय व महान व्यक्तित्व से संबंधित नारे व स्लोगन की जानकारी, आवाज पहचानने की गतिविधि व अच्छी आदतों का प्रदर्शन सिखाया जाएगा।
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खाली हुए स्कूलों में यहां शुरू हुई बाल वाटिका
- मानकजूड़ी
- जलालपुर घना
- मोहम्मदपुर बंगर
- कमालपुरी
- अकबरपुर
- बरखेड़ा सादात
- लुहारी भूड़
रिक्त हुए स्कूलों में बाल वाटिकाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। बाल वाटिकाओं में राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से शिक्षक दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को बाल वाटिकाओं में बच्चों के रचनात्मक विकास को कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। - ज्ञान प्रकाश तिवारी, डीपीओ