अमरोहा। हज सुविधा केंद्र के मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। हज कमेटी ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव ने नौ नवंबर को सुविधा केंद्र खोलने का आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले में छह मदरसों को हज सुविधा केंद्र बनाया गया है, लेकिन यह आदेश आठवें दिन मंगलवार को मदरसों को भेजा गया है। अमर उजाला के पड़ताल के दौरान मामले का खुलासा हुआ। इसके चलते महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2021 के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की सहूलियत दी है। इसके तहत जिले के छह मदरसों को ई सुविधा केंद्र बनाया गया है, जिसमें जामा मस्जिद मदरसा और चिल्ला मदरसे में भी ई सुविधा केंद्र खोला गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कहा है कि मदरसों के कंप्यूटर, इंटरनेट, यूपीएस का उपयोग किया जाएगा। इस बार कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट जमा करनी है। इसके अलावा इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने नौ नवंबर को छह मदरसों को सुविधा केंद्र खोलने का आदेश जारी किया है, लेकिन मंगलवार को पांचवें दिन आदेश मदरसा संचालकों को भेजा गया। इसका खुलासा मंगलवार को सुबह में अमर उजाला की पड़ताल के दौरान हुआ। सुबह लगभग 10 बजे चिल्ला मदरसा में जानकारी करने पहुंचे तो प्रधानाचार्य ने बताया कि आदेश नहीं मिला है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश यादव ने बताया कि जिले के छह मदरसों में हज ई सुविधा केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया है। मदरसा संचालकों से अधिक संख्या में लोगों के फॉर्म भरने को कहा है।