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पहली बारिश ने ही खोल दी सफाई व्यवस्था की पोल
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भीषण गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को हुई मानसून की पहली बारिश ने अमरोहा नगर पालिका क्षेत्र में आठ लाख रुपये से हुई नाला सफाई की पोल खोल दी। जगह-जगह नाला चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर आ गया। सड़कें जलमग्न हो गई। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अमरोहा नगर पालिका क्षेत्र में 40 नाले हैं। इसमें आठ बड़े नाले, 21 बीच वाले और 11 छोटे नाले हैं। ईओ बृजेश सिंह ने बताया कि इस साल छोटे ग्यारह नाले की सफाई के लिए आठ लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं बड़े और बीच वाले नालों को नगर पालिका ने खुद ही जेसीबी के माध्यम से सफाई कराई है। नगर पालिका ने बरसात से पहले शहर के कुछ चुनिंदा स्थानों पर नालों की सफाई कर पूरे शहर के नालों की सफाई का दावा तो ठोक दिया, लेकिन नगर के छोटे नाले पूरी तरह गंदगी से अटे हैं। बुधवार की रात और बृहस्पतिवार की सुबह तेज बारिश ने आठ लाख रुपये खर्च कर हुई इन नालों की सफाई की पोल खोल दी। कई जगह नालों में अटी गंदगी पानी भरने के बाद सड़क पर उतर आई। नगर पालिका की लापरवाही शहरियों के लिए भारी पड़ गई। नालियां चोक होने से सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, हर तरफ पानी ही नजर आ रहा था। शहर के कई मोहल्ले टापू जैसे दिखाई दे रहे थे। चार घंटे बाद जहां पानी सड़क से उतरा, उन मोहल्लों में कीचड़ से पैदल चलना मुश्किल था। शहर के आजाद मार्ग, कोट चौराहा, बटवाल बाजार, आंबेडकर मूर्ति, बटवाल, अतरासी तिराहा, लकमड़ा, जामा मस्जिद के पास की गली व मोहल्ले पानी में डूब गए। कई जगह दुकानों में भी पानी घुस गया था। ईओ बृजेश सिंह ने बताया कि बारिश के बाद कुछ समय तक ही पानी सड़कों पर था, बारिश बंद होने के थोड़ी देर में सड़कों से पानी साफ हो गया। पानी की निकासी के लिए कल्याणपुरा रोड और हिंदू कालेज वाले चौराहे पर पंपिंग स्टेशन लगवाए गए हैं। फिर भी नाले की सफाई में कहीं लापरवाही बरती गई है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अमरोहा नगर पालिका क्षेत्र में 40 नाले हैं। इसमें आठ बड़े नाले, 21 बीच वाले और 11 छोटे नाले हैं। ईओ बृजेश सिंह ने बताया कि इस साल छोटे ग्यारह नाले की सफाई के लिए आठ लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं बड़े और बीच वाले नालों को नगर पालिका ने खुद ही जेसीबी के माध्यम से सफाई कराई है। नगर पालिका ने बरसात से पहले शहर के कुछ चुनिंदा स्थानों पर नालों की सफाई कर पूरे शहर के नालों की सफाई का दावा तो ठोक दिया, लेकिन नगर के छोटे नाले पूरी तरह गंदगी से अटे हैं। बुधवार की रात और बृहस्पतिवार की सुबह तेज बारिश ने आठ लाख रुपये खर्च कर हुई इन नालों की सफाई की पोल खोल दी। कई जगह नालों में अटी गंदगी पानी भरने के बाद सड़क पर उतर आई। नगर पालिका की लापरवाही शहरियों के लिए भारी पड़ गई। नालियां चोक होने से सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, हर तरफ पानी ही नजर आ रहा था। शहर के कई मोहल्ले टापू जैसे दिखाई दे रहे थे। चार घंटे बाद जहां पानी सड़क से उतरा, उन मोहल्लों में कीचड़ से पैदल चलना मुश्किल था। शहर के आजाद मार्ग, कोट चौराहा, बटवाल बाजार, आंबेडकर मूर्ति, बटवाल, अतरासी तिराहा, लकमड़ा, जामा मस्जिद के पास की गली व मोहल्ले पानी में डूब गए। कई जगह दुकानों में भी पानी घुस गया था। ईओ बृजेश सिंह ने बताया कि बारिश के बाद कुछ समय तक ही पानी सड़कों पर था, बारिश बंद होने के थोड़ी देर में सड़कों से पानी साफ हो गया। पानी की निकासी के लिए कल्याणपुरा रोड और हिंदू कालेज वाले चौराहे पर पंपिंग स्टेशन लगवाए गए हैं। फिर भी नाले की सफाई में कहीं लापरवाही बरती गई है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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