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Amroha News: मैसेज न ओटीपी... दो खातों से 4.23 लाख रुपये गायब
Sun, 16 Nov 2025 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 16 Nov 2025 02:19 AM IST
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हसनपुर। साइबर ठगी का जाल फैलता जा रहा है। आए दिन ठगी के नए-नए तरीके इजाद कर लोगों को शिकार बना रहे हैं। अब हसनपुर में एक ही बैंक के दो खातों से 4.23 लाख रुपये गायब हो गए। पीड़ितों के पास न तो मैसेज आया और न कोई ओटीपी। इससे पहले भी दो मामले सामने आ चुके हैं। एक मामले में तो उपभोक्ता फोरम ने खाते से रुपये कटौती के लिए बैक को जिम्मेदार मानते हुए 3.40 लाख रुपये वापस लौटाने के निर्देश दिए थे।
हसनपुर के गांव झुंडी माफी में सतीश कुमार ने बताया कि उनका खाता हसनपुर की एक निजी बैंक शाखा में है। बताया कि आठ अक्तूबर की रात उनके खाते से 78400 रुपये निकल गए, जबकि उनके पास न तो कोई मैसेज आया और न ही ओटीपी। जांच में सामने आया कि बैंक की बैंकिंग मोबाइल एप के द्वारा खाते से पैसे निकाले गए हैं। वहीं हसनपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी सरिता सिंह का खाता भी इसी बैंक शाखा में है। खाते पर उनके बेटे अभिनव कुमार का मोबाइल नंबर लगा है। उन्होंने बताया कि चार अक्तूबर की रात 1:36 बजे एक ओटीपी था। यह ओटीपी उन्होंने किसी को शेयर नहीं किया। बावजूद इसके 1:38 बजे खाते 3.45 लाख रुपये कट गए, जबकि उन्होंने खाते पर कोई भी इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआईडी नहीं चलाई है। दोनों की मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
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ऐसे भी झांसे में ले रहे साइबर ठग
थाना प्रभारी जितेंद्र बालियान ने बताया कि साइबर ठग ओएलएक्स, फेसबुक या फिर अन्य किसी सोशल मीडिया साइट पर आर्मी ऑफिस या कोई भी सरकारी अधिकारी बनाकर, आईडी कार्ड, भेजकर आपका विश्वास जीतेंगे और फिर कोई भी सामान बेचने व खरीदने का झांसा देकर आपसे अलग-अलग फीस के नाम पर पैसे लेंगे। कोई भी सामान खरीदना बेचना हो तो उस आदमी से व्यक्तिगत रूप में मिलकर लेन-देन करें।
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रिश्तेदार बताकर लूट रहे
किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा फोन कर आपको अपना रिश्तेदार बताकर या आपके पापा/भाई या किसी का जानकार बताकर अपनी बातों में फंसाकर पेमेंट लेते हैं। जब तक आप अपने पिता भाई या जिसका भी जानकार वह व्यक्ति बता रहा है उस से पता ना कर ले, न ही कोई पेमेंट न लें और न दें। उस रिश्तेदार से सीधा ही फोन करके पता कर लें कि वाकई उस रिश्तेदार की कोई इमरजेंसी तो नहीं है। जालसाज लिंक भेजते हैं और लिंक को क्लिक करते ही पैसे आपके खाते से निकल जाता है।
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इस मामले में फोरम ने बैंक को दिए रुपये लौटाने के दिए
अमरोहा नगर के मोहल्ला पीरगढ़ निवासी भगवान दास का एक बैंक में बचत खाता है, जिसमें 397131 रुपये जमा थे। उन्होंने काफी समय तक खाते में लेनदेन नहीं किया। 24 मार्च 2022 को जरूरत पड़ने पर वह बैंक से रुपये निकालने पहुंचे तो उनके खाते में सिर्फ 28356 बकाया थे। उन्होंने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो 14 अगस्त 2021 से 8 अक्तूबर 2021 तक 3.60 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले गए थे, जबकि भगवान दास ने खाते से कभी कोई रकम नहीं निकाली। उनके पास एटीएम या चेक बुक भी नहीं थी। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की तो साइबर टीम की जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से अंगूठे का क्लोन बनाकर जनसेवा केंद्र से धनराशि निकल गई है, जबकि भगवान दास द्वारा जनसेवा केंद्र से कोई पैसा नहीं निकला गया। 5 मई 2022 को उनके खाते में 20 हजार रुपये वापस आ गए। इस मामले में भगवान दास ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। साथ ही बैंक को 3.40 लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में खर्च 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
दो दिन में चालक की पत्नी के खाते से भी गायब हुए थे 1.56 लाख
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी आकाश कुमार पिकअप चलाते हैं। उनकी पत्नी शशिवाला का जोया की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में करीब नौ साल पुराना खाता है। इस खाते में करीब 1.61 लाख रुपये जमा थे लेकिन 14 से 13 अक्तूबर के बीच साइबर ठगों ने खाते से 1.56 लाख रुपये उड़ा लिए। आकाश का आरोप है कि उनके पास धनराशि कटौती के दौरान कोई ओटीपी नहीं आया। उनकी पत्नी के पास खाते का न तो एटीएम है और न वह फोन चलाती हैं। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
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हसनपुर के गांव झुंडी माफी में सतीश कुमार ने बताया कि उनका खाता हसनपुर की एक निजी बैंक शाखा में है। बताया कि आठ अक्तूबर की रात उनके खाते से 78400 रुपये निकल गए, जबकि उनके पास न तो कोई मैसेज आया और न ही ओटीपी। जांच में सामने आया कि बैंक की बैंकिंग मोबाइल एप के द्वारा खाते से पैसे निकाले गए हैं। वहीं हसनपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी सरिता सिंह का खाता भी इसी बैंक शाखा में है। खाते पर उनके बेटे अभिनव कुमार का मोबाइल नंबर लगा है। उन्होंने बताया कि चार अक्तूबर की रात 1:36 बजे एक ओटीपी था। यह ओटीपी उन्होंने किसी को शेयर नहीं किया। बावजूद इसके 1:38 बजे खाते 3.45 लाख रुपये कट गए, जबकि उन्होंने खाते पर कोई भी इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआईडी नहीं चलाई है। दोनों की मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
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ऐसे भी झांसे में ले रहे साइबर ठग
थाना प्रभारी जितेंद्र बालियान ने बताया कि साइबर ठग ओएलएक्स, फेसबुक या फिर अन्य किसी सोशल मीडिया साइट पर आर्मी ऑफिस या कोई भी सरकारी अधिकारी बनाकर, आईडी कार्ड, भेजकर आपका विश्वास जीतेंगे और फिर कोई भी सामान बेचने व खरीदने का झांसा देकर आपसे अलग-अलग फीस के नाम पर पैसे लेंगे। कोई भी सामान खरीदना बेचना हो तो उस आदमी से व्यक्तिगत रूप में मिलकर लेन-देन करें।
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रिश्तेदार बताकर लूट रहे
किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा फोन कर आपको अपना रिश्तेदार बताकर या आपके पापा/भाई या किसी का जानकार बताकर अपनी बातों में फंसाकर पेमेंट लेते हैं। जब तक आप अपने पिता भाई या जिसका भी जानकार वह व्यक्ति बता रहा है उस से पता ना कर ले, न ही कोई पेमेंट न लें और न दें। उस रिश्तेदार से सीधा ही फोन करके पता कर लें कि वाकई उस रिश्तेदार की कोई इमरजेंसी तो नहीं है। जालसाज लिंक भेजते हैं और लिंक को क्लिक करते ही पैसे आपके खाते से निकल जाता है।
इस मामले में फोरम ने बैंक को दिए रुपये लौटाने के दिए
अमरोहा नगर के मोहल्ला पीरगढ़ निवासी भगवान दास का एक बैंक में बचत खाता है, जिसमें 397131 रुपये जमा थे। उन्होंने काफी समय तक खाते में लेनदेन नहीं किया। 24 मार्च 2022 को जरूरत पड़ने पर वह बैंक से रुपये निकालने पहुंचे तो उनके खाते में सिर्फ 28356 बकाया थे। उन्होंने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो 14 अगस्त 2021 से 8 अक्तूबर 2021 तक 3.60 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले गए थे, जबकि भगवान दास ने खाते से कभी कोई रकम नहीं निकाली। उनके पास एटीएम या चेक बुक भी नहीं थी। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की तो साइबर टीम की जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से अंगूठे का क्लोन बनाकर जनसेवा केंद्र से धनराशि निकल गई है, जबकि भगवान दास द्वारा जनसेवा केंद्र से कोई पैसा नहीं निकला गया। 5 मई 2022 को उनके खाते में 20 हजार रुपये वापस आ गए। इस मामले में भगवान दास ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। साथ ही बैंक को 3.40 लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में खर्च 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
दो दिन में चालक की पत्नी के खाते से भी गायब हुए थे 1.56 लाख
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी आकाश कुमार पिकअप चलाते हैं। उनकी पत्नी शशिवाला का जोया की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में करीब नौ साल पुराना खाता है। इस खाते में करीब 1.61 लाख रुपये जमा थे लेकिन 14 से 13 अक्तूबर के बीच साइबर ठगों ने खाते से 1.56 लाख रुपये उड़ा लिए। आकाश का आरोप है कि उनके पास धनराशि कटौती के दौरान कोई ओटीपी नहीं आया। उनकी पत्नी के पास खाते का न तो एटीएम है और न वह फोन चलाती हैं। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।