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मोहित को लगी 7 गोली, एफआईआर दर्ज नहीं।
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अमरोहा। मुरादाबाद के छात्र नेता दीपक चौहान की हत्या के आरोपी प्रॉपर्टी डीलर मोहित चौधरी पर बुधवार को हुए हमलें में सात गोलियां लगी थीं। इनमें से तीन गोलियां शरीर को छेदते हुए निकल गई थीं। मुरादाबाद निजी अस्पताल में इलाज के बीच गंभीर हालत देख मोहित को मेरठ रेफर कर दिया गया है। वारदात को हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मोहित के परिवार की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मोहित चौधरी पर बुधवार शाम सरेराह उस वक्त गोलियां बरसाई गई थीं, जब वह पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल की मां की अंत्येष्टि से लौट रहा था। कार में उसके साथ दो दोस्त भी सवार थे। दोनों गोलियों की बौछार के बीच बाल-बाल बच गए थे। दोस्त ही मोहित को गंभीर हालत में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में लाए थे। उपचार के कुछ घंटे बाद हालत गंभीर मानकर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। इस बीच इलाज करने वाली टीम और परिजनों ने बताया कि मोहित को सात गोलियां लगीं थीं। इनमें से तीन शरीर से पार हो गई थीं।
रजबपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्होंने पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर जाकर पड़ताल की। साक्ष्य जुटाने के भी प्रयास किए लेकिन मौके से कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित या उसके परिवार के किसी सदस्य की ओर से अभी तक तहरीर नहीं दी गई है। इस कारण अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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मोहित चौधरी पर बुधवार शाम सरेराह उस वक्त गोलियां बरसाई गई थीं, जब वह पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल की मां की अंत्येष्टि से लौट रहा था। कार में उसके साथ दो दोस्त भी सवार थे। दोनों गोलियों की बौछार के बीच बाल-बाल बच गए थे। दोस्त ही मोहित को गंभीर हालत में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में लाए थे। उपचार के कुछ घंटे बाद हालत गंभीर मानकर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। इस बीच इलाज करने वाली टीम और परिजनों ने बताया कि मोहित को सात गोलियां लगीं थीं। इनमें से तीन शरीर से पार हो गई थीं।
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रजबपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्होंने पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर जाकर पड़ताल की। साक्ष्य जुटाने के भी प्रयास किए लेकिन मौके से कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित या उसके परिवार के किसी सदस्य की ओर से अभी तक तहरीर नहीं दी गई है। इस कारण अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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