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Amroha News: जेल से छूटे हिस्ट्रीशीटर की गला रेतकर हत्या
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नौगावां सादात(अमरोहा)। कोतवाली क्षेत्र के गांव कुमखिया के पास आम के बाग में बृहस्पतिवार सुबह मुरादाबाद के हिस्ट्रीशीटर इदरीस का शव खून से लथपथ शव पड़ा मिला। हत्यारों ने हिस्ट्रीशीटर इदरीस का चाकू से गला रेतने के साथ ही शरीर पर कई जगह वार किए। पहचान मिटाने की नीयत से उसका चेहरा भी बुरी तरह कुचल दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए। एसपी ने भी मुआयना किया।
गांव कुमखिया से मुरादाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर कस्बा उमरी निवासी मोहम्मद असलम का आम का बाग है। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे वह बाग में पहुंचे तो झाड़ियों के बीच एक युवक का शव पड़ा मिला। शव के आसपास खून फैला हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर सीओ अवधभान भदौरिया और थाना प्रभारी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में एसपी लखन सिंह यादव, एसपी अखिलेश भदौरिया, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाॅड ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वाॅड को कोई अहम सुराग नहीं मिल सका।
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पुलिस ने जेब से मिले मोबाइल फोन की मदद से शव की शिनाख्त मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी इदरीस के रूप में की। वह डिलारी थाने का हिस्ट्रीशीटर था और हाल ही में चोरी के मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। हमलावरों ने इदरीस का गला चाकू से रेतने के साथ शरीर पर कई वार किए थे। सिर पर भी चोट के निशान मिले हैं।
पुलिस का मानना है कि हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आम के बाग में लाकर फेंक दिया गया।
एसपी लखन सिंह ने बताया कि मृतक हिस्ट्रीशीटर इदरीस की हत्या का खुलासा करने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
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कई जिलों में दर्ज हैं आपराधिक मामले, 13 जुलाई को जमानत पर आया था बाहर
एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर इदरीस के खिलाफ मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, काशीपुर, भोजपुर और अफजलगढ़ थाना क्षेत्रों में चोरी, नकबजनी समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई को बिजनौर के स्योहारा थाना पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले में उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा था। इसके बाद 13 जुलाई को वह जमानत पर रिहा होकर बाहर आया था।
माता-पिता का इकलौता बेटा था इदरीस, परिवार में पत्नी व चार बेटे
हिस्ट्रीशीटर इदरीस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में पत्नी नगमा और चार बेटे हैं। बृहस्पतिवार को हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बंटवारे के विवाद में हत्या की आशंका, साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में हिस्ट्रीशीटर इदरीस की हत्या के पीछे आपराधिक गिरोह के भीतर बंटवारे के विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार इदरीस अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी समेत अन्य वारदातों को अंजाम देता था। संभावना है कि 13 जुलाई को जेल से जमानत पर छूटने के बाद अपराध से अर्जित रकम या सामान के बंटवारे को लेकर उसका साथियों से विवाद हुआ, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इदरीस के साथियों की तलाश तेज कर दी गई है और उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पत्नी का मोबाइल साथ रखता था इदरीस, उसी से हुई शव की पहचान
आम के बाग में शव मिलने के बाद करीब दो घंटे तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक मोबाइल फोन बरामद किया। मोबाइल में मौजूद संपर्क नंबरों के आधार पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया, जिसके बाद मृतक की पहचान डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर इदरीस के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद मोबाइल उसकी पत्नी नगमा का था। बताया जा रहा है कि इदरीस अपना मोबाइल फोन अक्सर घर पर ही छोड़ देता था और पत्नी का फोन अपने साथ रखता था, जिससे पुलिस उसकी वास्तविक लोकेशन ट्रेस न कर सके।
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गांव कुमखिया से मुरादाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर कस्बा उमरी निवासी मोहम्मद असलम का आम का बाग है। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे वह बाग में पहुंचे तो झाड़ियों के बीच एक युवक का शव पड़ा मिला। शव के आसपास खून फैला हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई।
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सूचना पर सीओ अवधभान भदौरिया और थाना प्रभारी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में एसपी लखन सिंह यादव, एसपी अखिलेश भदौरिया, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाॅड ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वाॅड को कोई अहम सुराग नहीं मिल सका।
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पुलिस ने जेब से मिले मोबाइल फोन की मदद से शव की शिनाख्त मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी इदरीस के रूप में की। वह डिलारी थाने का हिस्ट्रीशीटर था और हाल ही में चोरी के मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। हमलावरों ने इदरीस का गला चाकू से रेतने के साथ शरीर पर कई वार किए थे। सिर पर भी चोट के निशान मिले हैं।
पुलिस का मानना है कि हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आम के बाग में लाकर फेंक दिया गया।
एसपी लखन सिंह ने बताया कि मृतक हिस्ट्रीशीटर इदरीस की हत्या का खुलासा करने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
कई जिलों में दर्ज हैं आपराधिक मामले, 13 जुलाई को जमानत पर आया था बाहर
एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर इदरीस के खिलाफ मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, काशीपुर, भोजपुर और अफजलगढ़ थाना क्षेत्रों में चोरी, नकबजनी समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई को बिजनौर के स्योहारा थाना पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले में उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा था। इसके बाद 13 जुलाई को वह जमानत पर रिहा होकर बाहर आया था।
माता-पिता का इकलौता बेटा था इदरीस, परिवार में पत्नी व चार बेटे
हिस्ट्रीशीटर इदरीस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में पत्नी नगमा और चार बेटे हैं। बृहस्पतिवार को हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बंटवारे के विवाद में हत्या की आशंका, साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में हिस्ट्रीशीटर इदरीस की हत्या के पीछे आपराधिक गिरोह के भीतर बंटवारे के विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार इदरीस अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी समेत अन्य वारदातों को अंजाम देता था। संभावना है कि 13 जुलाई को जेल से जमानत पर छूटने के बाद अपराध से अर्जित रकम या सामान के बंटवारे को लेकर उसका साथियों से विवाद हुआ, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इदरीस के साथियों की तलाश तेज कर दी गई है और उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पत्नी का मोबाइल साथ रखता था इदरीस, उसी से हुई शव की पहचान
आम के बाग में शव मिलने के बाद करीब दो घंटे तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक मोबाइल फोन बरामद किया। मोबाइल में मौजूद संपर्क नंबरों के आधार पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया, जिसके बाद मृतक की पहचान डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर इदरीस के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद मोबाइल उसकी पत्नी नगमा का था। बताया जा रहा है कि इदरीस अपना मोबाइल फोन अक्सर घर पर ही छोड़ देता था और पत्नी का फोन अपने साथ रखता था, जिससे पुलिस उसकी वास्तविक लोकेशन ट्रेस न कर सके।