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Amroha News: पाठशाला की राह में बाढ़ की बाधा, जूझ रहे विद्यार्थी

Thu, 04 Sep 2025 02:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 04 Sep 2025 02:03 AM IST
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Floods are a hindrance to going to school, students are struggling
देवीपुरा से सीपिया मार्ग पर पुलिया के ऊपर से बहता पानी। बाढ़ के पानी से गुजरती छात्राएं। ग्रामीण
मंडी धनौरा (अमरोहा)।
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करीब दो माह से खादर क्षेत्र के कई गांव गंगा में आई बाढ़ की चपेट में हैं। खेत पानी से लबालब भरे है तो इन गांवों के अधिकांश रास्तों पर बाढ़ का पानी भरा हैं। वहीं, सड़क पानी के तेज बहाव से कट चुकी हैं तो अधिकतर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी है। कई जगह गहरे-गहरे गड्ढे हो गए है।
वहीं कुछ मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके है। ऐसे ही हाल देवीपुरा से जाने वाले सीपिया मार्ग का है। इस पर पुलिया के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है। बुधवार को मार्ग पर भरे पानी के बीच से कुछ छात्र-छात्राएं पानी के बीच से निकलते नजर आए।
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बिजनौर से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की हालत बेहद गंभीर हो गई है। खादर क्षेत्र के गांवों से सट कर बह रही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी गांवों की सीमा तक पहुंच गया है। बुधवार की दोपहर बाद देवीपुरा गांव से पपसरी खादर होते हुए जिला बिजनौर को जाने वाले मार्ग पर करीब चार फीट तक पानी जमा होने के कारण आवागमन बंद हो गया है।
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देवीपुरा-सीपीया मार्ग पर ग्रामीणों द्वारा अपने प्रयासों से बनाई गई पुलिया के ऊपर से बाढ़ का पानी गुजर रहा है। यह पुलिया 15 दिन पहले बाढ़ के पानी में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक हफ्ता पहले ही ग्रामीणों ने अपने प्रयासों से बालू व मिटटी के बोरे और लकड़ी के गठ्ठों से अस्थाई पुलिया को चालू किया था। खादर क्षेत्र के तमाम सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गांवों में बाहरी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
पांच सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर, फसलें जलमग्न

गजरौला।
बिजनौर बैराज से गंगा में 1.9 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के तिगरी में जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 200.70 मीटर हो गया। खेत पानी से लबालब हो गए हैं और फसल पानी में डूब गई हैं जिन फसलों को बाढ़ से कुछ राहत मिली थी, वह बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं।

बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि मंगलवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.65 मीटर दर्ज था, जबकि बुधवार को जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ जाने के कारण गेज 200.70 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में इजाफा बिजनौर बैराज से 1,93,933 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण हुआ है। गंगा का जलस्तर भले ही पांच सेंटीमीटर बढ़ा है लेकिन खेतों में बाढ़ का पानी भरता जा रहा है। दारानगर, शीशों वाली, चकनवाला, अलीनगर, मुरादपुर, तिगरी, पपसरा खादर आदि गांवों के रकबे की फसलें दोबारा बाढ़ से लबालब हो गई हैं। कांकाठेर, ओसीता जगदेवपुर, मोहम्मदाबाद, कबीरपुर आदि के खेतों में दूर-दूर तक बाढ़ के पानी में फसलें जल मग्न दिखाई दे रही हैं।
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