{"_id":"5bb907ca867a55685f5a786f","slug":"191538852810-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों से लोक अदालतों का सहारा लेने की अपील","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लोगों से लोक अदालतों का सहारा लेने की अपील
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
मंडी धनौरा। सिविल जज सीनियर डिवीजन राघवेंद्र मणि ने लोगों से अपील की है कि सामान्य मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले आपसी समझौते की गुंजाइश रखें। उनका कहना था कि अदालतों में बढ़ते मुकदमें आम आदमी को न्याय दिलाने में देरी कर रहे हैं। वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत थाना परिसर में एक शिविर में बोल रहे थे।
उन्होंने लोक अदालतों का महत्व बताते हुए कहा कि इससे समय व पैसों की बचत होती है और दोनों पक्षों में हार-जीत का भाव नहीं रहता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आपसी वैमनस्यता को त्याग कर सुलह करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सात साल तक सजा के अपराध में जेल काट रहे लोग अच्छे आचरण के आधार पर अदालत से अपनी सजा को मोलभाव कर सकते हैं। जेलों की हालत बयान करते हुए जज ने कहा कि मुरादाबाद जेल में 600 के स्थान पर 3600 कैदी हैं। जेलों की दुर्दशा की कल्पना भी कष्टकारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित शिविर व लोक अदालत का लाभ उठाएं। इस अवसर पर लोकमान सिंह ने शिविर के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार शमीम अहमद, प्रभारी निरीक्षक नवाब सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
उन्होंने लोक अदालतों का महत्व बताते हुए कहा कि इससे समय व पैसों की बचत होती है और दोनों पक्षों में हार-जीत का भाव नहीं रहता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आपसी वैमनस्यता को त्याग कर सुलह करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सात साल तक सजा के अपराध में जेल काट रहे लोग अच्छे आचरण के आधार पर अदालत से अपनी सजा को मोलभाव कर सकते हैं। जेलों की हालत बयान करते हुए जज ने कहा कि मुरादाबाद जेल में 600 के स्थान पर 3600 कैदी हैं। जेलों की दुर्दशा की कल्पना भी कष्टकारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित शिविर व लोक अदालत का लाभ उठाएं। इस अवसर पर लोकमान सिंह ने शिविर के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार शमीम अहमद, प्रभारी निरीक्षक नवाब सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन