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रिश्वत लेने की आरोपी एपीओ नौकरी से बर्खास्त
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अमरोहा। मनरेगा संबंधित भुगतान फाइलों को पास कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में फंसी हसनपुर ब्लाक में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) को बर्खास्त कर दिया गया है। यह निर्णय डीएम की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में लिया गया। एपीओ का पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस कार्रवाई के बाद अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
हसनपुर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेगपुर मुंडा में मनरेगा से हुए विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में अटकी पड़ी थीं। बिना कमीशन लिए उनका भुगतान नहीं हो पा रहा था। इसके चलते मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल सकी। ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान कुलदीप का आरोप था कि ब्लाक में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं हो रहा है। तीन माह पहले कराए गए मनरेगा के कार्यों की फाइलों को पास नहीं किया गया। इसके चलते उनका भुगतान नहीं हो सका। जिससे परेशान होकर ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने एपीओ के कार्यालय में ही पांच हजार की रिश्वत देते हुए वीडियो बना ली। एपीओ ने दो फाइल पास करने के बदले 30 हजार की रिश्वत मांगी थी। वीडियो में पांच प्रतिशत कमीशन बीडीओ को देने का भी जिक्र किया गया। ग्राम प्रधान ने डीएम से इसकी शिकायत करते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। एपीओ का रिश्वत लेते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अमर उजाला ने पांच नवंबर के अंक में रिश्वत लेते एपीओ का वीडियो वायरल खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम उमेश मिश्र ने मामले में जांच कराई। बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। जिसमें अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शालिनी यादव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
रिश्वत लेने की शिकायत के बाद बुधवार को मेरी अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। जिसमें शालिनी यादव को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। सीडीओ को बर्खास्ती का आदेश करने के निर्देश दिए गए हैं। - उमेश मिश्र, डीएम अमरोहा।
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हसनपुर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेगपुर मुंडा में मनरेगा से हुए विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में अटकी पड़ी थीं। बिना कमीशन लिए उनका भुगतान नहीं हो पा रहा था। इसके चलते मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल सकी। ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान कुलदीप का आरोप था कि ब्लाक में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं हो रहा है। तीन माह पहले कराए गए मनरेगा के कार्यों की फाइलों को पास नहीं किया गया। इसके चलते उनका भुगतान नहीं हो सका। जिससे परेशान होकर ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने एपीओ के कार्यालय में ही पांच हजार की रिश्वत देते हुए वीडियो बना ली। एपीओ ने दो फाइल पास करने के बदले 30 हजार की रिश्वत मांगी थी। वीडियो में पांच प्रतिशत कमीशन बीडीओ को देने का भी जिक्र किया गया। ग्राम प्रधान ने डीएम से इसकी शिकायत करते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। एपीओ का रिश्वत लेते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अमर उजाला ने पांच नवंबर के अंक में रिश्वत लेते एपीओ का वीडियो वायरल खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम उमेश मिश्र ने मामले में जांच कराई। बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। जिसमें अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शालिनी यादव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
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रिश्वत लेने की शिकायत के बाद बुधवार को मेरी अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। जिसमें शालिनी यादव को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। सीडीओ को बर्खास्ती का आदेश करने के निर्देश दिए गए हैं। - उमेश मिश्र, डीएम अमरोहा।
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