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Amroha News: 20 हजार की रिश्वत लेने में चकबंदी लेखपाल गिरफ्तार
Wed, 10 Sep 2025 02:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:48 AM IST
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अमरोहा। चक को एक जगह दर्ज कराने की रिपोर्ट लगाने के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल उत्तम बालियान को मुरादाबाद एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल ने किसान से 50 हजार की मांग की थी। लेखपाल ने टीम से छूटकर भागने की कोशिश भी की लेकिन वह बच नहीं सका।
एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को देहात थाने ले गई और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के बंशीवाल महरपुर गांव निवासी किसान कल्यान सिंह ने चकबंदी कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर मां के नाम की जमीन को एक ही चक में शामिल कराने के लिए कहा था। इसके लिए हसनपुर तहसील क्षेत्र में तैनात चकबंदी लेखपाल उत्तम बालियान को रिपोर्ट लगानी थी। आरोप है कि लेखपाल उत्तम ने रिपोर्ट लगाने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सौदेबाजी के दौरान 20 हजार रुपये में मामला तय हो गया। लेखपाल के उत्पीड़न के परेशान किसान कल्यान सिंह ने मामले की शिकायत मुरादाबाद एंटी करप्शन के अधिकारियों से की।
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शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने अपना जाल बिछा लिया और मंगलवार दोपहर दो बजे कल्याण सिंह को लेखपाल को रिश्वत देने के लिए भेजा। मुजफ्फरनगर के भोरकलां थानाक्षेत्र के मुडभर गांव निवासी लेखपाल उत्तम सिंह ने किसान कल्यान सिंह को अमरोहा के मोहल्ला दीनदयाल नगर स्थित एक मकान पर बुलाया। जैसे ही कल्यान सिंह ने रिश्वत की रकम लेखपाल को दी तो यहां पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने पकड़ लिया। इंस्पेक्टर राखी के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर अमरोहा देहात थाने पहुंची और एफआईआर दर्ज कराई। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया मामले में लेखपाल उत्तम बालियान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर करेंगे।
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नवंबर 2016 में लेखपाल बना था
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तम बालियान नवंबर 2016 में लेखपाल बना था। वर्तमान में पिछले पांच साल से उसकी तैनाती हसनपुर तहसील में चकबंदी लेखपाल के पद पर थी जबकि उसकी सेवानिवृत्त 31 जुलाई 2051 में होनी है।
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एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को देहात थाने ले गई और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
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हसनपुर तहसील क्षेत्र के बंशीवाल महरपुर गांव निवासी किसान कल्यान सिंह ने चकबंदी कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर मां के नाम की जमीन को एक ही चक में शामिल कराने के लिए कहा था। इसके लिए हसनपुर तहसील क्षेत्र में तैनात चकबंदी लेखपाल उत्तम बालियान को रिपोर्ट लगानी थी। आरोप है कि लेखपाल उत्तम ने रिपोर्ट लगाने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सौदेबाजी के दौरान 20 हजार रुपये में मामला तय हो गया। लेखपाल के उत्पीड़न के परेशान किसान कल्यान सिंह ने मामले की शिकायत मुरादाबाद एंटी करप्शन के अधिकारियों से की।
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शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने अपना जाल बिछा लिया और मंगलवार दोपहर दो बजे कल्याण सिंह को लेखपाल को रिश्वत देने के लिए भेजा। मुजफ्फरनगर के भोरकलां थानाक्षेत्र के मुडभर गांव निवासी लेखपाल उत्तम सिंह ने किसान कल्यान सिंह को अमरोहा के मोहल्ला दीनदयाल नगर स्थित एक मकान पर बुलाया। जैसे ही कल्यान सिंह ने रिश्वत की रकम लेखपाल को दी तो यहां पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने पकड़ लिया। इंस्पेक्टर राखी के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर अमरोहा देहात थाने पहुंची और एफआईआर दर्ज कराई। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया मामले में लेखपाल उत्तम बालियान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर करेंगे।
नवंबर 2016 में लेखपाल बना था
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तम बालियान नवंबर 2016 में लेखपाल बना था। वर्तमान में पिछले पांच साल से उसकी तैनाती हसनपुर तहसील में चकबंदी लेखपाल के पद पर थी जबकि उसकी सेवानिवृत्त 31 जुलाई 2051 में होनी है।