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सरकार की आमद...मरहबा
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अमरोहा। ईद-ए-मिलादुन्नबी का जुलूस शहर में रविवार को शान-ओ-शौकत से निकाला गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। जुलूस में नबी की शान में हम्द ओ सना पढ़ा गया। वहीं इस्लामिक नारे से माहौल रूहानी हो गया। इस्लाम की तालीम, सब इंसान भाई भाई, हम सब एक हैं, फिजा में गूंजता रहा। जुलूस का कई जगहों पर हिंदू और शिया समुदाय ने जोरदार इस्तकबाल किया। फूल भी बरसाए गए। जुलूस को देखने के लिए घर की छतों पर युवती और महिलाएं खड़ी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा। कई इलाकों को कुछ देर के लिए ट्रैफिक वन-वे कर दिया गया।
शहर के जामा मस्जिद के सामने रविवार को दोपहर 12 बजे से जुलूस की तैयारी शुरू होने लगी। शहर के बाहरी मोहल्लों और आसपास के गांव के रहने वाले लोग चार पहिया वाहनों पर सवार होकर आने लगे। दोपहर एक बजे के बाद इन वाहनों को हक्कानी मोड़ की तरफ भेज दिया गया। मुस्लिम कमेटी के पदाधिकारियों की अगुवाई में जुलूस की रवानगी शुरू हुई। जुलूस में शामिल लोग आहिस्ते आहिस्ते हक्कानी मोड़ पर पहुंचें। यहां से नौबतखाना चौराहे पर आए। यहां पर शिया समुुदाय ने फूल बरसाए। जुलूस में शामिल लोगों को खजूर और मिश्री बांटे। इसके बाद जुलूस कटरा बख्तावर पहुंचा। शाही चबूतरा में स्वागत किया गया। कुरैशी के बाद तहसील चौक पर पहुंचा। गुल्लू का नीम के समीप जुलूस का इस्तकबाल किया गया। तहफ़्फुजे अजादारी की ओर से जट बाजार में जुलूस पर फूल बरसा कर स्वागत किया गया। इसके बाद जुलूस बड़ा बाजार इलाके में आ गया। यहां से निर्धारित रास्तों से होता हुआ जुलूस गुजरा। इसके पहले रविवार को सुबह मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हलचल हो गई। बच्चे और युवा जुलूस में शामिल होने के लिए तैयारी में जुटे रहे। कुर्ता पायजामा, पठानी, अफगानी सूट पहन कर घरों से निकल पड़े। सिर पर टोपी और जुबां पर हम्द पढ़ते हुए जामा मस्जिद की तरफ पहुंचें। यहां पर हाथों में इस्लामिक परचम थामा। दोस्तों के संग जुलूस में शामिल हो गए।
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शहर के जामा मस्जिद के सामने रविवार को दोपहर 12 बजे से जुलूस की तैयारी शुरू होने लगी। शहर के बाहरी मोहल्लों और आसपास के गांव के रहने वाले लोग चार पहिया वाहनों पर सवार होकर आने लगे। दोपहर एक बजे के बाद इन वाहनों को हक्कानी मोड़ की तरफ भेज दिया गया। मुस्लिम कमेटी के पदाधिकारियों की अगुवाई में जुलूस की रवानगी शुरू हुई। जुलूस में शामिल लोग आहिस्ते आहिस्ते हक्कानी मोड़ पर पहुंचें। यहां से नौबतखाना चौराहे पर आए। यहां पर शिया समुुदाय ने फूल बरसाए। जुलूस में शामिल लोगों को खजूर और मिश्री बांटे। इसके बाद जुलूस कटरा बख्तावर पहुंचा। शाही चबूतरा में स्वागत किया गया। कुरैशी के बाद तहसील चौक पर पहुंचा। गुल्लू का नीम के समीप जुलूस का इस्तकबाल किया गया। तहफ़्फुजे अजादारी की ओर से जट बाजार में जुलूस पर फूल बरसा कर स्वागत किया गया। इसके बाद जुलूस बड़ा बाजार इलाके में आ गया। यहां से निर्धारित रास्तों से होता हुआ जुलूस गुजरा। इसके पहले रविवार को सुबह मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हलचल हो गई। बच्चे और युवा जुलूस में शामिल होने के लिए तैयारी में जुटे रहे। कुर्ता पायजामा, पठानी, अफगानी सूट पहन कर घरों से निकल पड़े। सिर पर टोपी और जुबां पर हम्द पढ़ते हुए जामा मस्जिद की तरफ पहुंचें। यहां पर हाथों में इस्लामिक परचम थामा। दोस्तों के संग जुलूस में शामिल हो गए।
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