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Amroha News: दुष्कर्म के दोषी को 25 साल का कठोर कारावास
Tue, 16 Sep 2025 02:11 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 16 Sep 2025 02:11 AM IST
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अमरोहा। घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जमानत पर था। कोर्ट का फैसला आने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। नए कानून बीएनएस के तहत महिला अपराध में जिले में दूसरी सजा हुई है।
यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। परिजनों के मुताबिक गांव निवासी किसान 7 जुलाई 2024 की रात पत्नी और बच्चों के साथ घर में सोए थे। रात में करीब 2:30 बजे गांव का ही रहने वाला जावेद अली घर में घुस आया और किसान की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर परिवार के लोग जाग गए और आरोपी जावेद अली को पकड़ लिया। परिजनों ने जावेद को पुलिस के हवाले कर दिया था। किसान की तहरीर पर जावेद अली के खिलाफ घर में घुसकर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने जावेद अली को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। नौगांवा सादात पुलिस ने मामले की विवेचना कर 31 अगस्त 2024 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। सोमवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूताें के आधार पर आरोपी जावेद अली को दोषी करार दिया। उसे 25 साल के कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीजीसी रतनलाल लोधी ने बताया कि नए कानून के तहत महिला अपराध में जिले में यह दूसरी सजा है जिसमें न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है।
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बयानों से मुकर गई थी पीड़िता
एडीजीसी रतनलाल लोधी ने बताया की सुनवाई के दौरान दुष्कर्म पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई थी। उसने न्यायालय के सामने अपने साथ घटना होने से साफ मना कर दिया था लेकिन घटना के बाद किशोरी के पिता व अन्य परिजनों आरोपी को पकड़ा था और उसे खुद ही पकड़कर पुलिस को सौंपा था जबकि पुलिस की विवेचना में भी जबकि पुलिस की विवेचना में भी स्पष्ट था कि किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ है, इसलिए पीड़िता के मुकरने के बाद भी न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है।
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एफएसएल रिपोर्ट बनी मजबूत साक्ष्य
एडीजीसी ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट दोषी को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य बनी। एफएसएल रिपोर्ट में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद बयानों से पलटा पिता, होगी कार्रवाई
एडीजीसी ने बताया कि बेटी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा पिता ने लिखवाया था लेकिन बाद में बेटी के साथ पिता भी अपने बयानों से मुकर गया। उसने न्यायालय में झूठी गवाही दी। इसलिए मुकदमा वादी यानी किशोरी के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है या सजा भी हो सकती है।
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यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। परिजनों के मुताबिक गांव निवासी किसान 7 जुलाई 2024 की रात पत्नी और बच्चों के साथ घर में सोए थे। रात में करीब 2:30 बजे गांव का ही रहने वाला जावेद अली घर में घुस आया और किसान की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर परिवार के लोग जाग गए और आरोपी जावेद अली को पकड़ लिया। परिजनों ने जावेद को पुलिस के हवाले कर दिया था। किसान की तहरीर पर जावेद अली के खिलाफ घर में घुसकर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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पुलिस ने जावेद अली को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। नौगांवा सादात पुलिस ने मामले की विवेचना कर 31 अगस्त 2024 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। सोमवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूताें के आधार पर आरोपी जावेद अली को दोषी करार दिया। उसे 25 साल के कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीजीसी रतनलाल लोधी ने बताया कि नए कानून के तहत महिला अपराध में जिले में यह दूसरी सजा है जिसमें न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है।
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बयानों से मुकर गई थी पीड़िता
एडीजीसी रतनलाल लोधी ने बताया की सुनवाई के दौरान दुष्कर्म पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई थी। उसने न्यायालय के सामने अपने साथ घटना होने से साफ मना कर दिया था लेकिन घटना के बाद किशोरी के पिता व अन्य परिजनों आरोपी को पकड़ा था और उसे खुद ही पकड़कर पुलिस को सौंपा था जबकि पुलिस की विवेचना में भी जबकि पुलिस की विवेचना में भी स्पष्ट था कि किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ है, इसलिए पीड़िता के मुकरने के बाद भी न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है।
एफएसएल रिपोर्ट बनी मजबूत साक्ष्य
एडीजीसी ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट दोषी को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य बनी। एफएसएल रिपोर्ट में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
मुकदमा दर्ज करने के बाद बयानों से पलटा पिता, होगी कार्रवाई
एडीजीसी ने बताया कि बेटी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा पिता ने लिखवाया था लेकिन बाद में बेटी के साथ पिता भी अपने बयानों से मुकर गया। उसने न्यायालय में झूठी गवाही दी। इसलिए मुकदमा वादी यानी किशोरी के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है या सजा भी हो सकती है।