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Amroha News: गजरौला के वातावरण में 25 से 30 प्रतिशत पीएम-10 में सुधार
Thu, 11 Sep 2025 02:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 11 Sep 2025 02:45 AM IST
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गजरौला। नगर और उसके आस पास के क्षेत्र में 25 से 30 प्रतिशत पीएम-10 में सुधार हुआ है। वातावरण में सुधार होना नागरिकों की सेहत के लिए अच्छा संकेत है।
गजरौला की गिनती सबसे प्रदूषित नगरों में की जाती है। कई बार यहां पर हवा इस कदर दूषित हो जाती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। प्रदूषित शहराें में शामिल गजरौला का चयन पिछले साल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत किया गया जिसके बाद नगर का वातावरण सुधारने के लिए तीन करोड़ रुपये मिले। उनसे पालिका ने जिन मोहल्लों में सड़क कच्ची होने के कारण धूल उड़ती थी, पक्की सड़क बनवाई। इसके अलावा सुबह-शाम पानी का छिड़काव कराया।
साथ ही फैक्टरियों की लगातार निगरानी कराई। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गैस का रिसाव करने वाली फैक्टरियों की निगरानी कराई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को भी कई बार पत्र लिखे कि वह औद्योगिक इकाइयों की निगरानी करती रहे। इस कारण नगर और उसके आस पास का वातावरण सुधर पाया। पीएम-10 में 25 से 30 प्रतिशत का सुधार हुआ। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि प्रदूषण में सुधार होने के कारण दोबारा भी नगर का चयन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत किया गया है। इसकी प्रथम किस्त 80 लाख रुपये भी मिल गए हैं।
तारीख पीएम-10 (एक्यूआई) पीएम-2.25 (एक्यूआई)
एक सितंबर 95 23
दो सितंबर 92 22
चार सितंबर 90 21
पांच सितंबर 93 20
आठ सितंबर 96 24
नौ सितंबर 102 27
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गजरौला की गिनती सबसे प्रदूषित नगरों में की जाती है। कई बार यहां पर हवा इस कदर दूषित हो जाती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। प्रदूषित शहराें में शामिल गजरौला का चयन पिछले साल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत किया गया जिसके बाद नगर का वातावरण सुधारने के लिए तीन करोड़ रुपये मिले। उनसे पालिका ने जिन मोहल्लों में सड़क कच्ची होने के कारण धूल उड़ती थी, पक्की सड़क बनवाई। इसके अलावा सुबह-शाम पानी का छिड़काव कराया।
साथ ही फैक्टरियों की लगातार निगरानी कराई। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गैस का रिसाव करने वाली फैक्टरियों की निगरानी कराई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को भी कई बार पत्र लिखे कि वह औद्योगिक इकाइयों की निगरानी करती रहे। इस कारण नगर और उसके आस पास का वातावरण सुधर पाया। पीएम-10 में 25 से 30 प्रतिशत का सुधार हुआ। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि प्रदूषण में सुधार होने के कारण दोबारा भी नगर का चयन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत किया गया है। इसकी प्रथम किस्त 80 लाख रुपये भी मिल गए हैं।
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तारीख पीएम-10 (एक्यूआई) पीएम-2.25 (एक्यूआई)
एक सितंबर 95 23
दो सितंबर 92 22
चार सितंबर 90 21
पांच सितंबर 93 20
आठ सितंबर 96 24
नौ सितंबर 102 27