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Amroha News: छह हजार करोड़ के 187 एमओयू, जमीन पर उतरे सिर्फ 22
Tue, 09 Sep 2025 02:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:51 AM IST
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अमरोहा। इन्वेस्टर्स समिट के जरिये लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए करीब छह हजार करोड़ रुपये के 187 एमओयू किए गए लेकिन इनमें से अभी तक सिर्फ 829 करोड़ रुपये की 22 परियोजनाएं ही जमीन पर उतर सकी हैं। कुछ परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन न मिलने व कुछ एनओसी न मिलने के कारण शुरू ही नहीं हो सकी हैं।
सरकार प्रदेश को विकसित प्रदेश की राह पर आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार हर क्षेत्र में काम रही है। प्रदेश में उद्यमियों को उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए हर जरूरी सुविधाएं देने की कवायद भी की जा रही है। प्रदेशभर में उद्योग धंधों की स्थापना के लिए सरकार ने इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। पिछले साल आयोजित हुए इवेंस्टर्स समिट में जिले में 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन भी किए गए थे।
हालांकि, इनमें से अभी तक 22 परियोजनाओं पर ही काम शुरू हो सका है जबकि 39 परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। इसके अलावा अधिकांश एमओयू जमीन की अनुपलब्धता व दूसरे विभागों की एनओसी न मिलने के कारण शुरू ही नहीं हो सके हैं। एमओयू साइन हुई 61 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए चयन हुए थे। इनमें से 829 करोड़ रुपये निवेश की 22 परियोजनाएं धरातल पर भी उतर चुकी हैं लेकिन कुछ परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन न मिलने व कुछ एनओसी न मिलने के कारण शुरू ही नहीं हो सकी हैं।
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कुछ को जमीन नहीं मिली, कुछ को एनओसी का इंतजार
किसी भी उद्योग को लगाने के लिए सबसे पहले जमीन की जरूरत होती है। एमओयू साइन करने वाली कई कंपनियों को जरूरत के अनुसार जमीन ही नहीं मिल सकी। वहीं कुछ को विभागों की एनओसी न मिलने के कारण काम शुरू होने में देरी हो रही है।
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इन इकाइयाें में शुरू हुआ काम
अनाबिया कोल्ड स्टोरेज, रीयल टाइम बायोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सिंह साहब होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, वेव इंडस्ट्रीज की तीन परियोजनाएं, जय हिंद व्हीकल स्क्रैप, वीपीएस रिसोर्ट, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, उमापति महादेव कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, श्री एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट, एमजीए डिजाइंस, एसकेएस हाईवे होटल प्राइवेट लिमिटेड, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, पैरामाउंट होम कलेक्शन, लोपान मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्टोनमैन क्राफ्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, ओपक्सा क्राफ्ट्स प्रालि, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, आरएसीएल गियरटेक लिमिटेड आदि कंपनियों में काम शुरू हो चुका है।
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उद्योग विभाग की और से उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाता है। जो इकाइयां शुरू हो गई हैं, वहां लोगों को रोजगार भी मुहैया कराए गए हैं। जो इकाइयां शुरू नहीं हो सकी हैं, उनकी समस्याओं को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। - दीप नारायण सिंह, सहायक प्रबंधक, उद्योग
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सरकार प्रदेश को विकसित प्रदेश की राह पर आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार हर क्षेत्र में काम रही है। प्रदेश में उद्यमियों को उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए हर जरूरी सुविधाएं देने की कवायद भी की जा रही है। प्रदेशभर में उद्योग धंधों की स्थापना के लिए सरकार ने इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। पिछले साल आयोजित हुए इवेंस्टर्स समिट में जिले में 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन भी किए गए थे।
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हालांकि, इनमें से अभी तक 22 परियोजनाओं पर ही काम शुरू हो सका है जबकि 39 परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। इसके अलावा अधिकांश एमओयू जमीन की अनुपलब्धता व दूसरे विभागों की एनओसी न मिलने के कारण शुरू ही नहीं हो सके हैं। एमओयू साइन हुई 61 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए चयन हुए थे। इनमें से 829 करोड़ रुपये निवेश की 22 परियोजनाएं धरातल पर भी उतर चुकी हैं लेकिन कुछ परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन न मिलने व कुछ एनओसी न मिलने के कारण शुरू ही नहीं हो सकी हैं।
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कुछ को जमीन नहीं मिली, कुछ को एनओसी का इंतजार
किसी भी उद्योग को लगाने के लिए सबसे पहले जमीन की जरूरत होती है। एमओयू साइन करने वाली कई कंपनियों को जरूरत के अनुसार जमीन ही नहीं मिल सकी। वहीं कुछ को विभागों की एनओसी न मिलने के कारण काम शुरू होने में देरी हो रही है।
इन इकाइयाें में शुरू हुआ काम
अनाबिया कोल्ड स्टोरेज, रीयल टाइम बायोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सिंह साहब होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, वेव इंडस्ट्रीज की तीन परियोजनाएं, जय हिंद व्हीकल स्क्रैप, वीपीएस रिसोर्ट, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, उमापति महादेव कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, श्री एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट, एमजीए डिजाइंस, एसकेएस हाईवे होटल प्राइवेट लिमिटेड, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, पैरामाउंट होम कलेक्शन, लोपान मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्टोनमैन क्राफ्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, ओपक्सा क्राफ्ट्स प्रालि, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, आरएसीएल गियरटेक लिमिटेड आदि कंपनियों में काम शुरू हो चुका है।
उद्योग विभाग की और से उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाता है। जो इकाइयां शुरू हो गई हैं, वहां लोगों को रोजगार भी मुहैया कराए गए हैं। जो इकाइयां शुरू नहीं हो सकी हैं, उनकी समस्याओं को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। - दीप नारायण सिंह, सहायक प्रबंधक, उद्योग