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Amethi News: भगवान चित्रगुप्त के साथ की कलम-दवात की पूजा
Fri, 24 Oct 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:45 AM IST
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अमेठी रामलीला मैदान में पूजा करते कायस्थ समाज के लोग।-संवाद
अमेठी। भगवान चित्रगुप्त की जयंती के अवसर पर बृहस्पतिवार को शहर में श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की गई। जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान चित्रगुप्त के साथ कलम-दवात की पूजा कर धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
रामलीला मैदान में प्रदीप चित्रगुप्त कायस्थ महासभा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान लोगों ने वेद-मंत्रों के बीच भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कलम-दवात की पूजा की। साथ ही समाज में ज्ञान और न्याय के प्रसार के लिए प्रार्थना की। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त मानव के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। वे धर्मराज (यमराज) के सहयोगी और मनुष्य के कर्मों के आधार पर स्वर्ग या नरक की पात्रता का निर्धारण करते हैं। उन्होंने बताया कि वेदों के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने ध्यान योग से अपनी काया की अस्थियों से कायस्थ वंश की सृष्टि की, इसलिए इन्हें कायस्थ कहा गया। कार्यक्रम में संतोष श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान में प्रदीप चित्रगुप्त कायस्थ महासभा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान लोगों ने वेद-मंत्रों के बीच भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कलम-दवात की पूजा की। साथ ही समाज में ज्ञान और न्याय के प्रसार के लिए प्रार्थना की। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त मानव के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। वे धर्मराज (यमराज) के सहयोगी और मनुष्य के कर्मों के आधार पर स्वर्ग या नरक की पात्रता का निर्धारण करते हैं। उन्होंने बताया कि वेदों के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने ध्यान योग से अपनी काया की अस्थियों से कायस्थ वंश की सृष्टि की, इसलिए इन्हें कायस्थ कहा गया। कार्यक्रम में संतोष श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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