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Amethi News: महिलाओं ने सजधजकर देखा चांद
Fri, 30 Oct 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:23 AM IST
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संग्रामपुर के मेहदा बदलापुर में पूजा करती महिलाएं।।। शो स्वयं
अमेठी सिटी। दिनभर निर्जला व्रत रहकर पति की लंबी उम्र की कामना और शाम ढलते ही चांद के दीदार का इंतजार। हाथों में पूजा की थाली और चेहरे पर व्रत पूरा होने की खुशी। बृहस्पतिवार को करवा चौथ पर शहर से गांव तक सुहागिनें इसी परंपरा में रची-बसी नजर आईं। रात में चंद्रमा दिखाई देते ही सजधजकर महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा की। छलनी से पहले चांद और फिर पति का चेहरा निहारा। पतियों के हाथों जल ग्रहण कर निर्जला व्रत खोला।
महिलाओं ने स्नान के बाद पूजा की थाली सजाई और सोलह शृंगार कर पर्व की रस्में निभाने की तैयारी की। शाम को कई घरों में महिलाएं एक साथ बैठीं और करवा चौथ की कथा सुनी। भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश की आराधना कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
गौरीगंज के माधवपुर गांव निवासी कल्पना सिंह ने बताया कि करवा चौथ उनके लिए केवल व्रत नहीं, बल्कि पति के प्रति प्रेम और परिवार की खुशहाली से जुड़ा पर्व है। कटरालालगंज की राधिका तिवारी ने कहा कि कथा सुनने और पूजा करने से परंपरा के प्रति जुड़ाव महसूस होता है। नवविवाहिता नेहा मौर्य के लिए यह पहला करवा चौथ था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही इस पर्व को लेकर खास उत्साह था। पति के साथ चंद्र दर्शन कर व्रत खोलना उनके लिए यादगार पल रहा। पूजा में शामिल पूजा शुक्ला ने कहा कि परिवार की महिलाओं के साथ पूजा करने और चांद निकलने का इंतजार करने में अलग ही खुशी मिलती है।
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चांद निकलते ही छतों पर पहुंचीं महिलाएं
दिनभर के इंतजार के बाद रात में चंद्रमा दिखाई दिया तो घरों की छतों और आंगनों में महिलाएं पूजा की थालियां लेकर पहुंचीं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर उन्होंने पति की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद छलनी से चांद और पति का चेहरा देखा। पतियों ने जल पिलाकर पत्नी का व्रत पूरा कराया। दिनभर की पूजा और प्रतीक्षा के बाद परिवारों में उत्सव जैसा माहौल रहा।
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महिलाओं ने स्नान के बाद पूजा की थाली सजाई और सोलह शृंगार कर पर्व की रस्में निभाने की तैयारी की। शाम को कई घरों में महिलाएं एक साथ बैठीं और करवा चौथ की कथा सुनी। भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश की आराधना कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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गौरीगंज के माधवपुर गांव निवासी कल्पना सिंह ने बताया कि करवा चौथ उनके लिए केवल व्रत नहीं, बल्कि पति के प्रति प्रेम और परिवार की खुशहाली से जुड़ा पर्व है। कटरालालगंज की राधिका तिवारी ने कहा कि कथा सुनने और पूजा करने से परंपरा के प्रति जुड़ाव महसूस होता है। नवविवाहिता नेहा मौर्य के लिए यह पहला करवा चौथ था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही इस पर्व को लेकर खास उत्साह था। पति के साथ चंद्र दर्शन कर व्रत खोलना उनके लिए यादगार पल रहा। पूजा में शामिल पूजा शुक्ला ने कहा कि परिवार की महिलाओं के साथ पूजा करने और चांद निकलने का इंतजार करने में अलग ही खुशी मिलती है।
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चांद निकलते ही छतों पर पहुंचीं महिलाएं
दिनभर के इंतजार के बाद रात में चंद्रमा दिखाई दिया तो घरों की छतों और आंगनों में महिलाएं पूजा की थालियां लेकर पहुंचीं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर उन्होंने पति की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद छलनी से चांद और पति का चेहरा देखा। पतियों ने जल पिलाकर पत्नी का व्रत पूरा कराया। दिनभर की पूजा और प्रतीक्षा के बाद परिवारों में उत्सव जैसा माहौल रहा।