{"_id":"6ae39c0baa6b60278600402c","slug":"standing-by-others-in-their-times-of-sorrow-is-the-hallmark-of-a-true-human-being-amethi-news-c-96-1-ame1019-179239-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: दूसरों के दुख में साथ देना सच्चे इंसान की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: दूसरों के दुख में साथ देना सच्चे इंसान की पहचान
Fri, 30 Oct 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
रुदौली गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
मुसाफिरखाना। रुदौली गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को अयोध्या से आए प्रवाचक आचार्य संतोष शरण ने कहा कि दूसरों के दुख में साथ खड़ा होना ही सच्चे इंसान की पहचान है। जरूरतमंद की मदद करना और कमजोर को सहारा देना सबसे बड़ा धर्म है।
प्रवाचक ने कहा कि जीवन में अहंकार के बजाय विनम्रता अपनानी चाहिए। किसी की परेशानी देखकर मुंह फेरने के बजाय मदद के लिए आगे आना चाहिए। छोटे-छोटे अच्छे काम भी किसी के जीवन में बड़ी खुशियां ला सकते हैं। प्रेम और सद्भाव से ही परिवार और समाज में एकता बनी रहती है।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सामर्थ्यवान व्यक्ति को हमेशा कमजोर की रक्षा करनी चाहिए। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस मौके पर मुख्य यजमान बलराम सिंह, विनय सिंह, शिवम सिंह, विवेक तिवारी, हरि नाम सिंह और विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रवाचक ने कहा कि जीवन में अहंकार के बजाय विनम्रता अपनानी चाहिए। किसी की परेशानी देखकर मुंह फेरने के बजाय मदद के लिए आगे आना चाहिए। छोटे-छोटे अच्छे काम भी किसी के जीवन में बड़ी खुशियां ला सकते हैं। प्रेम और सद्भाव से ही परिवार और समाज में एकता बनी रहती है।
विज्ञापन
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सामर्थ्यवान व्यक्ति को हमेशा कमजोर की रक्षा करनी चाहिए। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस मौके पर मुख्य यजमान बलराम सिंह, विनय सिंह, शिवम सिंह, विवेक तिवारी, हरि नाम सिंह और विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन