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Amethi News: अहिल्याबाई रण भूमि में उतरीं तो भागने पर विवश हुए थे शत्रु
Sat, 01 Jun 2024 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 01 Jun 2024 01:11 AM IST
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कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी व अन्य
अमेठी सिटी। अहोरवा भवानी कस्बे में शुक्रवार को पाल समाज की ओर से वीरांगना अहिल्याबाई की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर से आए जगदीश पाल ने कहा कि अहिल्याबाई ने एक शासक के रूप में दिखा दिया कि वह त्याग व समर्पण की मूर्ति हैं। जब हाथ में तलवार लेकर रणभूमि में उतरी तो शत्रुओं को विवश होकर भागना पड़ा।
तिलोई के कटोरवा गांव के गोबिंद पाल ने कहा कि अहिल्याबाई ऐसी महारानी हुई हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद तीन दशक तक कुशलता से साम्राज्य चलाया और लोक कल्याणकारी राज्य व्यवस्था को साकार रूप दिया। उजाड़े गए तीर्थ स्थलों को उन्होंने फिर आबाद किया। उन्होंने देश के 100 से अधिक स्थानों पर तीर्थ स्थलों पर धर्मशाला, जल संरचना आदि का निर्माण कराया। इस अवसर पर श्रवण पाल, हनुमान पाल, लवलेश, रामाधार, आशीष, अनिल, धर्मराज, अंकित, श्यामू पाल, सूरज, सत्य नारायण आदि मौजूद रहे।
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तिलोई के कटोरवा गांव के गोबिंद पाल ने कहा कि अहिल्याबाई ऐसी महारानी हुई हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद तीन दशक तक कुशलता से साम्राज्य चलाया और लोक कल्याणकारी राज्य व्यवस्था को साकार रूप दिया। उजाड़े गए तीर्थ स्थलों को उन्होंने फिर आबाद किया। उन्होंने देश के 100 से अधिक स्थानों पर तीर्थ स्थलों पर धर्मशाला, जल संरचना आदि का निर्माण कराया। इस अवसर पर श्रवण पाल, हनुमान पाल, लवलेश, रामाधार, आशीष, अनिल, धर्मराज, अंकित, श्यामू पाल, सूरज, सत्य नारायण आदि मौजूद रहे।
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