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Amethi News: दो माह में की दस साल पुराने मुकदमे की विवेचना
Sat, 01 Jun 2024 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 01 Jun 2024 01:15 AM IST
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अमेठी सिटी। आइए, आपको पुलिसिंग के दो चेहरे से परिचित कराते हैं। पहला यह है कि वर्ष 2014 में सुल्तानपुर जिले के चांदा थाने में हत्या व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन, पुलिस दस साल बाद भी जांच पूरी नहीं कर सकी। पीड़ित चक्कर काटते रहे।
दूसरा चेहरा यह है कि प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एडीजी व आईजी के निर्देश पर अमेठी के अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक ने महज दो माह छह दिन में इस मामले की विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस पर विवेचक को सम्मानित किया गया।
वर्ष 2014 में सुल्तानपुर जिले के चांदा थाने में एक बालिका के साथ दुष्कर्म व उसके रिश्तेदार की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद इस मामले की विवेचना एंटी करप्शन को दे दी गई। दस साल बाद एंटी करप्शन टीम ने यह कहकर विवेचना वापस कर दी, इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है।
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ऐसे में इसकी जांच किसी अन्य से कराई जाय। प्रकरण की जानकारी होने पर एडीजी लखनऊ अमरेंद्र सिंह व अयोध्या जाेन के आईजी प्रवीण कुमार ने इस मुकदमे की विवेचना सुल्तानपुर जिले से न कराकर अमेठी पुलिस से कराने का निर्णय लिया।
अमेठी एसपी अनूप कुमार सिंह ने इस मुकदमे की विवेचना अपराध शाखा के निरीक्षक अजयेन्द्र पटेल को 16 मार्च को सौंपी। विवेचक ने दो लोगों के खिलाफ 22 मई को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। महज दो माह छह दिन में विवेचना पूरी करने पर शुक्रवार को एसपी अनूप कुमार सिंह ने निरीक्षक अजयेन्द्र पटेल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान एएसपी हरेन्द्र कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
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दूसरा चेहरा यह है कि प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एडीजी व आईजी के निर्देश पर अमेठी के अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक ने महज दो माह छह दिन में इस मामले की विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस पर विवेचक को सम्मानित किया गया।
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वर्ष 2014 में सुल्तानपुर जिले के चांदा थाने में एक बालिका के साथ दुष्कर्म व उसके रिश्तेदार की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद इस मामले की विवेचना एंटी करप्शन को दे दी गई। दस साल बाद एंटी करप्शन टीम ने यह कहकर विवेचना वापस कर दी, इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है।
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ऐसे में इसकी जांच किसी अन्य से कराई जाय। प्रकरण की जानकारी होने पर एडीजी लखनऊ अमरेंद्र सिंह व अयोध्या जाेन के आईजी प्रवीण कुमार ने इस मुकदमे की विवेचना सुल्तानपुर जिले से न कराकर अमेठी पुलिस से कराने का निर्णय लिया।
अमेठी एसपी अनूप कुमार सिंह ने इस मुकदमे की विवेचना अपराध शाखा के निरीक्षक अजयेन्द्र पटेल को 16 मार्च को सौंपी। विवेचक ने दो लोगों के खिलाफ 22 मई को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। महज दो माह छह दिन में विवेचना पूरी करने पर शुक्रवार को एसपी अनूप कुमार सिंह ने निरीक्षक अजयेन्द्र पटेल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान एएसपी हरेन्द्र कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।