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रंजितवापुर में संचालित होगा ग्राम न्यायालय
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अमेठी। ग्रामीण क्षेत्र के भूमि विवादों समेत अन्य छोटे व मामूली विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए शासन ने ग्राम न्यायालय संचालन की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र जारी कर भवन चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा था। निदेशक के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने गौरीगंज शहर के रंजितवापुर स्थित हॉस्टल को चिह्नित कर विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगते हुए संचालन की संस्तुति की है।
भूमि विवाद व छोटे अपराधों की बढ़ती संख्या व इन मामलों के निस्तारण में देरी से लोगों को होने वाली परेशानी से जल्द निजात मिलने वाली है। विवादों का समयबद्ध निस्तारण हो सके, इसके लिए शासन ने तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय संचालित करने की योजना बनाई है। निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र जारी कर भवन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने को कहा था।
निदेशक के पत्र पर जिला प्रशासन ने शहर के रंजितवापुर स्थित समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जाति छात्रावास को न्यायालय संचालन के लिए चिह्नित किया है। भवन चिह्नित होने के बाद जिला प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगते हुए संचालन के अनुमोदन की रिपोर्ट निदेशक का भेज दी है।
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समाज कल्याण विभाग की अनापत्ति व जिला प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यहां ग्राम न्यायालय का संचालन होगा। ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को भूमि विवाद के साथ ही छोटे-छोटे विवादों के निस्तारण के लिए दीवानी न्यायालय जाने से मुक्ति मिलेगी तो न्यायालयों में विवादों की संख्या अधिक होने से निस्तारण में होने वाली अनावश्यक देरी से भी निजात मिलेगी। ग्राम न्यायालय का संचालन होने से शासन की लोगों को सरल, सुलभ व त्वरित न्याय दिलाने की मंशा पूरी हो सकेगी।
एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने गौरीगंज तहसील में ग्राम न्यायालय संचालन के लिए समाज कल्याण विभाग को अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए पत्र भेजने के साथ ही संस्तुति शासन को भेजने की पुष्टि की है। एडीएम ने बताया कि गौरीगंज के अतिरिक्त अमेठी में भी ग्राम न्यायालय संचालन के लिए भवन चिह्नित करने की कवायद चल रही है। एडीएम ने बताया कि अमेठी में ग्राम न्यायालय संचालन के लिए आवास विकास कॉलोनी के पास निर्मित खनन भवन को चिह्नित किया गया है। खनन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया है। अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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भूमि विवाद व छोटे अपराधों की बढ़ती संख्या व इन मामलों के निस्तारण में देरी से लोगों को होने वाली परेशानी से जल्द निजात मिलने वाली है। विवादों का समयबद्ध निस्तारण हो सके, इसके लिए शासन ने तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय संचालित करने की योजना बनाई है। निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र जारी कर भवन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने को कहा था।
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निदेशक के पत्र पर जिला प्रशासन ने शहर के रंजितवापुर स्थित समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जाति छात्रावास को न्यायालय संचालन के लिए चिह्नित किया है। भवन चिह्नित होने के बाद जिला प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगते हुए संचालन के अनुमोदन की रिपोर्ट निदेशक का भेज दी है।
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समाज कल्याण विभाग की अनापत्ति व जिला प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यहां ग्राम न्यायालय का संचालन होगा। ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को भूमि विवाद के साथ ही छोटे-छोटे विवादों के निस्तारण के लिए दीवानी न्यायालय जाने से मुक्ति मिलेगी तो न्यायालयों में विवादों की संख्या अधिक होने से निस्तारण में होने वाली अनावश्यक देरी से भी निजात मिलेगी। ग्राम न्यायालय का संचालन होने से शासन की लोगों को सरल, सुलभ व त्वरित न्याय दिलाने की मंशा पूरी हो सकेगी।
एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने गौरीगंज तहसील में ग्राम न्यायालय संचालन के लिए समाज कल्याण विभाग को अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए पत्र भेजने के साथ ही संस्तुति शासन को भेजने की पुष्टि की है। एडीएम ने बताया कि गौरीगंज के अतिरिक्त अमेठी में भी ग्राम न्यायालय संचालन के लिए भवन चिह्नित करने की कवायद चल रही है। एडीएम ने बताया कि अमेठी में ग्राम न्यायालय संचालन के लिए आवास विकास कॉलोनी के पास निर्मित खनन भवन को चिह्नित किया गया है। खनन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया है। अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।