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Amethi News: एक साथ उठीं तीन अर्थियां, रो पड़े ग्रामीण
Thu, 08 May 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 08 May 2025 12:49 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। एक दर्दनाक हादसा कमराैली के सिंदुरवा गांव को कभी न भूलने वाला दर्द दे गया।मोहनगंज क्षेत्र के पाकरगांव के पास सोमवार रात हुए सड़क हादसे में बोलेरो की टक्कर से घायल तीसरे युवक की मंगलवार रात मौत के बाद बुधवार को एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो गांव चीत्कार से गूंज उठा।
सोमवार की रात पाकरगांव के पास बरात में नाच रहे लोगों को बचाने के प्रयास में बोलेरो विपरीत दिशा से खड़ी दूसरी बोलेरो से टकरा गई। भिड़ंत के बाद दोनों वाहन खड्ड में पलट गए। हादसे में भवानी प्रसाद गुप्ता (52) और रामसजीवन लोधी (28) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल जगजीवन उर्फ गुल्ली (22) की मंगलवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा गांव के ही राज गुप्ता, अरमान शान और कन्हैया लाल का इलाज चल रहा है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के परिजनों को रिश्तेदार और ग्रामीण सांत्वना देने में लगे हैं।
जिसे गोद में खिलाया... उसी ने साथ छोड़ दिया
मोहनगंज के पाकरगांव में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले जगजीवन उर्फ गुल्ली की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सिंदुरवा गांव निवासी जगजीवन की असमय मौत के बाद से उसके घर में करुण क्रंदन थम नहीं रहा है। पिता राम शंकर, मां केवला देवी और भाईरामराज, जग प्रसाद व भुक्कू चार दिन से सो नहीं पाए हैं। पूरे घर की नींद उड़ चुकी है। जगजीवन के पिता की आंखें आंसुओं से भरी हैं, वे बार-बार यही कह रहे हैं, जिसे गोद में खेलाया, उसी की अर्थी कंधे पर उठानी पड़ी। वो क्षण याद करते हुए पिता राम शंकर टूट जाते हैं जब वे बेटे संग बरात में गए थे और देखते ही देखते एक तेज रफ्तार बोलेरो काल बनकर आई और उनका बेटा उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया।
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सोमवार की रात पाकरगांव के पास बरात में नाच रहे लोगों को बचाने के प्रयास में बोलेरो विपरीत दिशा से खड़ी दूसरी बोलेरो से टकरा गई। भिड़ंत के बाद दोनों वाहन खड्ड में पलट गए। हादसे में भवानी प्रसाद गुप्ता (52) और रामसजीवन लोधी (28) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल जगजीवन उर्फ गुल्ली (22) की मंगलवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा गांव के ही राज गुप्ता, अरमान शान और कन्हैया लाल का इलाज चल रहा है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के परिजनों को रिश्तेदार और ग्रामीण सांत्वना देने में लगे हैं।
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जिसे गोद में खिलाया... उसी ने साथ छोड़ दिया
मोहनगंज के पाकरगांव में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले जगजीवन उर्फ गुल्ली की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सिंदुरवा गांव निवासी जगजीवन की असमय मौत के बाद से उसके घर में करुण क्रंदन थम नहीं रहा है। पिता राम शंकर, मां केवला देवी और भाईरामराज, जग प्रसाद व भुक्कू चार दिन से सो नहीं पाए हैं। पूरे घर की नींद उड़ चुकी है। जगजीवन के पिता की आंखें आंसुओं से भरी हैं, वे बार-बार यही कह रहे हैं, जिसे गोद में खेलाया, उसी की अर्थी कंधे पर उठानी पड़ी। वो क्षण याद करते हुए पिता राम शंकर टूट जाते हैं जब वे बेटे संग बरात में गए थे और देखते ही देखते एक तेज रफ्तार बोलेरो काल बनकर आई और उनका बेटा उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया।
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