{"_id":"689a3e5a38a29d05c804db3f","slug":"the-outbreak-of-fever-increased-due-to-change-in-weather-amethi-news-c-96-1-ame1008-146428-2025-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: मौसम में बदलाव से बढ़ा बुखार का प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: मौसम में बदलाव से बढ़ा बुखार का प्रकोप
Tue, 12 Aug 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 12 Aug 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक। -संवाद
अमेठी सिटी। बदलते मौसम की वजह से बुखार का प्रकोप बढ़ा है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे बुखार से पीड़ित 765 मरीजों ने इलाज कराया। फिजिशियन की ओपीडी के बाहर सबसे ज्यादा मरीजों की भीड़ रही। बुखार संग अन्य बीमारियों से पीड़ित 1720 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनके उपचार के लिए डेढ़ घंटे अतिरिक्त ओपीडी का संचालन करना पड़ा।
दो दिन अवकाश के बाद सोमवार सुबह आठ बजे जिला अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर पर लंबी कतार लग गई। भीड़ ज्यादा होने के कारण मरीज व तीमारदारों को पंजीकरण कराने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग रहा था। वहीं, खून जांच के लिए पंजीकरण कराने में भी यही स्थिति थी। फिजीशियन की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ सबसे ज्यादा दिखी। चिकित्सक कक्ष के बाहर बैठे मरीज संतोष कुमार, वीरेंद्र कुमार, पंकज शुक्ल, पूनम, शिवानी आदि ने बताया कि परचा जमा किए दो घंटे हो गए हैं, अभी नंबर नहीं आया।
फिजिशियन डॉ. अमित कुमार ने बताया कि इस मौसम में वायरल संक्रमण बढ़ जाता है। बुखार ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है। कहा कि दवा लेने के बाद भी एक सप्ताह तक बुखार ठीक नहीं होता है तो डेंगू, मलेरिया की जांच कराई जा रही है। सोमवार को ओपीडी में 1720 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिसमें 765 बुखार, खांसी के 245, ठंड लेकर बुखार के 128, जुकाम के 121, दस्त के 95, डायरिया के 21 व मनोरोग से 175 मरीज रहे। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा की ओपीडी में भी 170 मरीज पहुंचे। जिसमें 50 फीसदी बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित बच्चे रहे।
विज्ञापन
बरतें ये सावधानी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यह मौसम मच्छरों के प्रजनन का है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक हो जाता है। इस कारण सतर्कता बेहद जरूरी है। आसपास पानी जमा नहीं होने दें और कूलर व टंकियों को साफ रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनने संग मच्छरदानी का उपयोग करें। ताजा भोजन करें और शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। तेज बुखार, बदन दर्द, आंखों में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
दो दिन अवकाश के बाद सोमवार सुबह आठ बजे जिला अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर पर लंबी कतार लग गई। भीड़ ज्यादा होने के कारण मरीज व तीमारदारों को पंजीकरण कराने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग रहा था। वहीं, खून जांच के लिए पंजीकरण कराने में भी यही स्थिति थी। फिजीशियन की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ सबसे ज्यादा दिखी। चिकित्सक कक्ष के बाहर बैठे मरीज संतोष कुमार, वीरेंद्र कुमार, पंकज शुक्ल, पूनम, शिवानी आदि ने बताया कि परचा जमा किए दो घंटे हो गए हैं, अभी नंबर नहीं आया।
विज्ञापन
फिजिशियन डॉ. अमित कुमार ने बताया कि इस मौसम में वायरल संक्रमण बढ़ जाता है। बुखार ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है। कहा कि दवा लेने के बाद भी एक सप्ताह तक बुखार ठीक नहीं होता है तो डेंगू, मलेरिया की जांच कराई जा रही है। सोमवार को ओपीडी में 1720 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिसमें 765 बुखार, खांसी के 245, ठंड लेकर बुखार के 128, जुकाम के 121, दस्त के 95, डायरिया के 21 व मनोरोग से 175 मरीज रहे। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा की ओपीडी में भी 170 मरीज पहुंचे। जिसमें 50 फीसदी बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित बच्चे रहे।
विज्ञापन
बरतें ये सावधानी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यह मौसम मच्छरों के प्रजनन का है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक हो जाता है। इस कारण सतर्कता बेहद जरूरी है। आसपास पानी जमा नहीं होने दें और कूलर व टंकियों को साफ रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनने संग मच्छरदानी का उपयोग करें। ताजा भोजन करें और शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। तेज बुखार, बदन दर्द, आंखों में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।