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Amethi News: भरत के चरित्र से मिलती है कर्तव्य की सीख
Mon, 29 Dec 2025 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 29 Dec 2025 12:20 AM IST
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संग्रामपुर के ठेंगहा पूरे हरिवंश में श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
अमेठी। संग्रामपुर के ठेंगहा पूरे हरिवंश स्थित मैरिज लॉन में आयोजित श्रीराम कथा में रविवार को भरत के चरित्र और राज्याभिषेक प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रवाचक आचार्य कृष्णानंद महाराज ने कहा कि भरत रामकथा के ऐसे पात्र हैं, जिनका जीवन धर्म, त्याग और कर्तव्य की सीख देता है। भरत का आचरण समझे बिना राम भक्ति की भावना को पूर्ण रूप से नहीं जाना जा सकता।
प्रवाचक ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और करुणा पर आधारित रहा। उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने परिवार और समाज के प्रति दायित्वों का सही निर्वहन कर सकता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र संयम, सहनशीलता और सेवा का मार्ग दिखाता है। कथा में भरत के त्याग और संकल्प का विशेष उल्लेख किया गया।
प्रवाचक ने कहा कि भरत का जीवन तपस्या, नियम और अनुशासन का प्रतीक है। उनका आचरण यह संदेश देता है कि धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्चा कर्तव्य है। रामायण में भरत का बार-बार उल्लेख उनके महत्व को दर्शाता है। भरत को लोभ, अहंकार और कामनाओं से दूर रहने वाला बताया गया है।
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प्रवाचक ने कहा कि जिनका आचरण धर्म बन जाए, वही भरत कहलाता है। राम और भरत के संबंध से भाईचारे और कर्तव्यबोध की सीख मिलती है। इस अवसर पर अरविंद मिश्र, गार्ड मिश्र, गोपी तिवारी, मनोज मिश्र, विजय तिवारी, अवनीश मिश्र और धीरेंद्र शुक्ल मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और करुणा पर आधारित रहा। उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने परिवार और समाज के प्रति दायित्वों का सही निर्वहन कर सकता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र संयम, सहनशीलता और सेवा का मार्ग दिखाता है। कथा में भरत के त्याग और संकल्प का विशेष उल्लेख किया गया।
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प्रवाचक ने कहा कि भरत का जीवन तपस्या, नियम और अनुशासन का प्रतीक है। उनका आचरण यह संदेश देता है कि धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्चा कर्तव्य है। रामायण में भरत का बार-बार उल्लेख उनके महत्व को दर्शाता है। भरत को लोभ, अहंकार और कामनाओं से दूर रहने वाला बताया गया है।
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प्रवाचक ने कहा कि जिनका आचरण धर्म बन जाए, वही भरत कहलाता है। राम और भरत के संबंध से भाईचारे और कर्तव्यबोध की सीख मिलती है। इस अवसर पर अरविंद मिश्र, गार्ड मिश्र, गोपी तिवारी, मनोज मिश्र, विजय तिवारी, अवनीश मिश्र और धीरेंद्र शुक्ल मौजूद रहे।