{"_id":"66d39997a150eafb070e1524","slug":"station-name-changed-on-boards-and-walls-amethi-news-c-96-1-ame1002-124682-2024-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: बोर्ड और दीवारों पर बदला गया स्टेशन का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: बोर्ड और दीवारों पर बदला गया स्टेशन का नाम
Sun, 01 Sep 2024 04:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 01 Sep 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
बोर्ड को पेंट करता पेंटर
जगदीशपुर (अमेठी)। निहालगढ़ रेलवे स्टेशन को महराजा बिजली पासी के नाम से जाना जाएगा। पिछले दिनों मिले आदेश के बाद शनिवार को रेलवे ने दीवारों और बोर्डों पर अर्से से अंकित नाम बदलवा दिया। शनिवार को लखनऊ-सुल्तानपुर रेल ट्रैक स्थित निहालगढ़ रेलवे स्टेशन के नाम को मिटवाकर महराजा बिजली पासी का नाम अंकित करवा दिया।
स्टेशन अधीक्षक लखन लाल मीना ने बताया कि नए आदेशों के क्रम आज से स्टेशन नए नाम से जाना जाएगा। पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों के मांग पर जिले के आठ स्टेशनों के नाम को केंद्रीय रेलवे मंत्री से मिलकर इसे बदलवाने के लिए आग्रह किया था।
स्टेशन के नाम बदलने का मिला जुला असर
निहालगढ़ रेलवे स्टेशन के पुराने नाम के बदले जानें पर सोशल मीडिया पर इसका मिला जुला असर दिख रहा है। कुछ लोग पूर्व सांसद स्मृति इरानी को सोशल मीडिया पर उनका आभार प्रकट कर रहे हैं तो कुछ लोग पुराने नाम के बदले जानें से खासा नाराज होकर सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए इसे पुराने इतिहास और जाति विशेष का उल्लेख किया जाना बता रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्टेशन अधीक्षक लखन लाल मीना ने बताया कि नए आदेशों के क्रम आज से स्टेशन नए नाम से जाना जाएगा। पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों के मांग पर जिले के आठ स्टेशनों के नाम को केंद्रीय रेलवे मंत्री से मिलकर इसे बदलवाने के लिए आग्रह किया था।
विज्ञापन
स्टेशन के नाम बदलने का मिला जुला असर
निहालगढ़ रेलवे स्टेशन के पुराने नाम के बदले जानें पर सोशल मीडिया पर इसका मिला जुला असर दिख रहा है। कुछ लोग पूर्व सांसद स्मृति इरानी को सोशल मीडिया पर उनका आभार प्रकट कर रहे हैं तो कुछ लोग पुराने नाम के बदले जानें से खासा नाराज होकर सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए इसे पुराने इतिहास और जाति विशेष का उल्लेख किया जाना बता रहे हैं।
विज्ञापन